फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कुंडली में कालसर्प दोष के संकेत, असर और उपाय

Mon, 16 Sep 2019 01:13 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 16 Sep 2019 01:13 PM IST
विज्ञापन
kaal sarp dosh in kundali know astrology tips

जब किसी व्यक्ति का अच्छा समय चल रहा होता है तो उसको चारों तरफ से शुभ समाचार ही प्राप्त होते हैं। लेकिन जीवन में हर समय एक जैसा नहीं होता कभी अच्छा तो कभी बुरा समय आती ही है। जब बुरा समय चल रहा होता है तो असफलता, बीमारियां और तनाव बढ़ जाता है। ज्योतिष में इसका कारण कुंडली में दोष का होना बताया जाता है। कालसर्प दोष इन्हीं में से एक दोष होता है। कालसर्प योग के कारण सूर्यादि सप्तग्रहों की शुभफल देने की क्षमता समाप्त हो जाती है। इससे जातक को 42 साल की आयु तक परेशानियां झेलनी पड़ती है। लेकिन दूसरी तरफ किसी की कुंडली में कालसर्प योग होने के बाद भी जातक की उन्नति होती है। आइए जानते है किन परिस्थितियों में कालसर्प योग का असर होता है और किसमें नहीं।



कालसर्प दोष से हैं परेशान? जानिए विश्व-प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से इसे दूर करने के समाधान केवल 251 रूपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

Trending Videos
kaal sarp dosh in kundali know astrology tips

ज्योतिष में कालसर्प योग
- जब राहू और केतु के बीच अन्य ग्रहों की उपस्थिति हो तब कालसर्प योग का असर होता है। वहीं जब केतु और राहु के बीच ग्रहों की उपस्थिति हो तब इस योग का असर नहीं होता है।
- लग्न या चन्द्रमा राहु अथवा केतु के नक्षत्र में यानि आर्द्रा, स्वाती, शतभिषा, अश्विनी, मघा , मूल में हो  तो तब यह अधिक प्रभावी होता है।

कालसर्प दोष से हैं परेशान? जानिए विश्व-प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से इसे दूर करने के समाधान केवल 251 रूपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

kaal sarp dosh in kundali know astrology tips
kaal - फोटो : kaal
- राहु की शनि, मंगल अथवा चन्द्रमा के साथ युति हो तो यह योग अधिक प्रभावी होता है।
- अनन्त, तक्षक एवं कर्कोटक संज्ञक कालसर्प योग में क्रमश लग्नेश, पंचमेश, सप्तमेश एवं लग्नेश की युति राहु के साथ हो तो यह योग अधिक प्रभावी होता है।

कालसर्प दोष से हैं परेशान? जानिए विश्व-प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से इसे दूर करने के समाधान केवल 251 रूपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)
विज्ञापन
विज्ञापन
kaal sarp dosh in kundali know astrology tips

- कालसर्प योग के साथ-साथ शकट,केमदूम एवं ग्रहों की नीच अस्तंगत, वक्री स्थिति हो तो कालसर्प योग अधिक प्रभावी होता है।
- जन्म लेने और फिर उसके बाद करियर के निर्माण के समय यदि राहु की अथवा इससे युति ग्रह की अथवा राहु के नक्षत्र में स्थित ग्रह की दशा हो तो कालसर्प योग का असर अधिक होता है।

कालसर्प दोष से हैं परेशान? जानिए विश्व-प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से इसे दूर करने के समाधान केवल 251 रूपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

विज्ञापन
kaal sarp dosh in kundali know astrology tips
rahu ketu

संकेत 
जब व्यक्ति को बुरे और डरावने सपने ज्यादा आने लगते हैं तो व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष होता है। सपने में सांप देखना कालसर्प दोष की निशानी है।
उपाय
ज्योतिष में कालसर्प दोष होने पर कुछ उपाय बताए गए हैं। अगर किसी की कुंडली में कालसर्प है उसे हर रोज भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा चांदी की नाग की आकृति की अंगूठी पहनना चाहिए।

कालसर्प दोष से हैं परेशान? जानिए विश्व-प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से इसे दूर करने के समाधान केवल 251 रूपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed