सनातन धर्म में हर कार्य को करने से पहले श्री गणेश का पूजन किया जाता है। भगवान गणेश की पूजा से आरंभ किए गए कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती है इसलिए गणेश जी को विघ्न विनाशक भी कहा जाता है। जहां पर गणेश जी विराजते हैं वहां रिद्धि-सिद्धि और धन-लाभ भी विराजते हैं। ऐसे में घर में शुभता का वास होता है और आपके जीवन से दुखों का अंत होता है। वैसे तो अपने पिता भगवान शिव की तरह गणेश जी भी अतिशीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं किंतु कुछ मंत्रो का जाप करके आप चमत्कारिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इन्हीं मंत्रों में से एक गणपति गयत्री मंत्र के बारे में बताया गया है। संकट के समय में यह मंत्र बहुत शुभफलदायी माना गया है। मान्यता अनुसार इस मंत्र का जाप सच्चे हृदय से करने पर मनुष्य का बड़ा से बड़ा संकट भी टल जाता है। जानिए इस मंत्र का महत्व और जाप की विधि
गणेश जी का ये मंत्र है बहुत प्रभावशाली, दिलाता है संकटों से मुक्ति
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गणेश गायत्री मंत्र
इस मंत्र को गणेश जी के मंत्रों के अंशों से जोड़कर बनाया गया है। इसका प्रयोग पुरोहितों द्वारा पूजा-पाठ के समय किया जाता है। लोग सिद्धिया प्राप्त करने के लिए भी इस मंत्र का जाप करते हैं। साधारण जन भी इस मंत्र का जाप कर सकते हैं परंतु कुछ बातों को ध्यान में अवश्य रखना चाहिए अन्यथा आपको फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। जानते हैं गणेश गायत्री मंत्र, इसकी जाप विधि और ध्यान रखने योग्य बातें।
एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
मंत्र जाप की विधि-
- जिस दिन मंत्र जाप करना हो उस दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानदि करें।
- इस दिन पीले या गेरूएं रंग के कपड़े पहनना शुभ रहता है।
- तत्पश्चात किसी मंदिर में जाए, यदि संभव न हो तो घर में ही आसन लगाकर पूजा करें।
- आसन पर बैठकरर भगवान गणेश का आवाह्न करें।
- उन्हें सिंदूर, दूर्वा, गंध, अक्षत (चावल), सुगंधित फूल, जनेऊ, सुपारी, पान, फल, आदि चीजें अर्पित करें।
- इसके बाद ध्यान लगाकर इस मंत्र का कम से कम 21 बार जाप करें।
- इस तरह से प्रतिदिन जाप करने पर कुछ ही दिनों में आपको सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं।
मंत्र जाप की अवधि के दौरान इन बातों का रखें ध्यान-
- इस मंत्र के जाप की अवधि में ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य है।
- जब तक आप मंत्र जाप करें उन दिनों में हर प्रकार के नशे और मांसाहारी चीजों के सेवन से दूर रहें।
- किसी के अहित के लिए इस मंत्र का जाप न करें।