ज्योतिष में नवग्रहों में से सूर्यदेव को राजा का दर्जा दिया गया है। सूर्य के प्रकाश से ही पृथ्वी पर जीवन संभव है। भगवान सूर्य नारायण प्रकृत्ति के संचालक हैं। रविवार का दिन सूर्य उपासना के लिए सबसे उत्तम माना गया है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुंडली में मजबूत सूर्य से जहां जातक को समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है तो वहीं कुंडली में सूर्य की कमजोर स्थिति के कारण आपको समस्याओं का सामना करना पड़ता है, इससे आपके मान-प्रतिष्ठा को ठेस लग सकती है, पिता के साथ आपके संबंधों में दरार आ सकती है। इसके साथ ही व्यक्ति को कमजोर सूर्य के कारण उच्च पद पर बैठे लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ सकता है, इसलिए कुंजली में सूर्य का मजबूत होना आवश्यक होता है। यदि आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर है तो उसे मजबूत बनाने के लिए रविवार के दिन जल देने के साथ ही कुछ चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
रविवार के दिन न करें इन चीजों का सेवन, कमजोर सूर्य के कारण होती है मान-सम्मान की हानि
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मसूर की दाल का रंग लाल होता है इसमें मांस से अधिक प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। यही कारण है कि लोगों इस दाल को कभी भी देवी-देवताओं को अर्पित नहीं करते हैं। रविवार के दिन भी मसूर की दाल का सेवन वर्जित माना जाता है।
प्याज-लहसुन
भारतीय व्यंजनों में प्याज और लहसुन का प्रयोग खूब किया जाता है, लेकिन इन दोनों ही चीजों तामसिक माना गया है। यही कारण है कि किसी भी धार्मिक कार्य के लिए सात्विक भोजन बनाते समय उसमें लहसुन प्याज का उपयोग नहीं किया जाता है। यदि आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर है तो रविवार को लहसुन प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि रविवार के दिन लहसुन प्याज का सेवन करने से आप सूर्यदेव के क्रोध के भागी बन सकते हैं। जिससे आपके पिता के साथ रिश्ते में कटुता आने के साथ ही समाज में आपके सम्मान को हानि पहुंच सकती है।
लाल रंग का साग
रविवार के दिन दिन लाल रंग का साग खाना वर्जित माना गया है, क्योंकि वैष्णव धर्म में इस तरह के मिश्रित अल्पकालिक बारहमासी पौधे को मृत्यु का प्रतीक माना गया है। इसके साथ ही यदि किसी की कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो उसे रविवार के नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।