हर युग में हनुमान जी का एक विशिष्ट स्थान है यह तो सर्वविदित है। हर युग में उन्होंने अपने भक्तजनों का कल्याण किया है। कलयुग के इस समय में भी हनुमान जी अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं और उनकी हर समस्या का समाधान करते हैं। विनय पत्रिका के पद संख्या 30 में गोस्वामी जी ने लिखा है कि जिस पर हनुमान जी की कृपा रहती है उसपर माता पार्वती, भगवान शिव, लक्ष्मण, प्रभु राम एवं माता सीता की भी कृपा रहती है। हनुमान जी की कृपा पाने के लिए लोग हनुमान चालीसा का पाठ तो करते ही हैं साथ ही अगर बजरंग बाण का पाठ भी किया जाए तो व्यक्ति को अपने जीवन की कई समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। तो चलिए जानते हैं कि बजरंग बाण का पाठ कितना लाभकारी है।
बजरंग बाण का पाठ करने से मांगलिक दोष से मिलती है मुक्ति
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मांगलिक दोष निवारण
किसी की कुंडली में मांगलिक दोष होने पर उसके विवाह में बहुत परेशानियां आती हैं। इसलिए मांगलिक दोष का निवारण आवश्यक होता है। किसी की कुंडली में मांगलिक दोष हो तो उसे नियमित रूप से मंगलवार के दिन बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। अगर नियमपूर्वक निष्ठा के साथ बजरंग बाण का पाठ किया जाए, तो इससे मांगलिक दोष का निवारण जल्द हो सकता है।
राहु-केतु के बुरे प्रभावों से मुक्ति
राहु-केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह माना गया है। यह दोनों ही ग्रह पापक ग्रह कहलाते हैं। जिस व्यक्ति पर भी राहु-केतु की महादशा होती है उसे अनेक कष्टों का सामना करना पड़ता है। राहु और केतु की महादशा होने पर भी बजरंग बाण का पाठ करना लाभप्रद रहता है।
ग्रह दोष निवारण के लिए
कुंडली में ग्रहों की खराब स्थिति के कारण व्यक्ति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कुंडली में व्याप्त किसी भी प्रकार का ग्रह दोष होने पर नियमित रूप से सूर्योदय से पूर्व उठकर हनुमान जी के सामने आटे का दिया बनाकर जलाना चाहिए और बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। ऐसा नियमित रूप से करने पर आप कुंडली में मौजूद दोषों से होने वाले बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलती है। ग्रह दोष भी दूर हो सकते हैं।
गंभीर रोगों से निजात पाने के लिए
किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी में भी बजरंग बाण का पाठ करना लाभप्रद माना जाता है। रोगों से निजात पाने के लिए राहुकाल में हनुमान जी को 21 पान के पत्तों की माला चढ़ानी चाहिए साथ में बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए और इस दौरान घी के दीया भी अवश्य जलाना चाहिए।