ग्रहों की बुरी दशा से जीवन में आती हैं एक के बाद एक मुश्किलें, जानें ग्रहों को अनुकूल बनाने के उपाय
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सूर्य को मान-सम्मान यश-कीर्ति का कारक माना गया है। सूर्य की दशा खराब होने पर जातक को ह्रदय रोग, नेत्र रोग तथा अपयश का सामना करना पड़ सकता है। सूर्य को अनुकूल करने के लिए प्रतिदिन सुबह जल्दी उठें और स्नानादि करने के पश्चात तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें रोली और लाल फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। इसके अलावा सूर्य मंत्र का जाप करें।
चंद्र की बुरी दशा का उपाय
चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। चंद्रमा की खराब स्थिति के कारण व्यक्ति को चिंता, तनाव जैसी मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चंद्रमा को अनुकूल बनाने के लिए प्रतिदिन या कम से कम हर सोमवार को भगवान शिव की आराधना करें। प्रत्येक पूर्णिमा के व्रत और चंद्र पूजा करें।
मंगल की बुरी दशा का उपाय
मंगल पराक्रम और साहस का कारक हैं। मंगल की बुरी दशा से जातक कई बड़ी समस्याओं से घिर सकता है। मंगल की बुरी दशा के कारण व्यक्ति के रक्त अल्पता, रक्त चाप, दुर्घटना, जैसी समस्याएं होती हैं। इसके अलावा व्यक्ति के साहस और पराक्रम का भी नाश हो जाता है, मंगल की बद स्थिति में व्यक्ति को गलत कार्य करने की आदत लग जाती है जिसके कारण व्यक्ति को जेल तक का सामना करना पड़ सकता है। मंगल की स्थिति को सही करने के लिए निर्धनों को भोजन करवाना चाहिए और नियमित रूप से शिव जी के पुत्र कुमार कार्तिकेय भगवान की पूजा करनी चाहिए।
बुध की बुरी दशा का उपाय
बुध ग्रह को बुद्धि और वाकपटुता का कारक माना गया है। बुध के खराब दशा में होने से जातक को मानसिक परेशानी, वाणी दोष, शिक्षा संबंधित समस्याएं और आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ सकता है। इसके बुरे प्रभावों से मुक्ति पाने के लिए बुधवार के दिन हरी चीजों का प्रयोग और दान करना चाहिए।