ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक कुंडली में कई तरह के योग बनते हैं जो व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन लाते हैं। कुंडली में शुभ व अशुभ दोनों तरह के योगों का निर्माण होता है। कुछ योग राजयोग कहलाते है जो जातक के जीवन में सफलता और खुशियां लाते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली में अशुभ योग भी बनते हैं जिससे परेशानियां, बीमारियां और असफलता प्राप्त होती है। जब ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा योग बनता है जिसमें कुछ शुभ और अशुभ योग होता है। वैदिक ज्योतिष में ऐसे पांच सबसे खतरनाक योग बनते है जो व्यक्ति के जीवन में परेशानियां ही परेशानियां लाते हैं। इन्हीं अशुभ योगों में एक अंगारक दोष होता है।
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ज्योतिष: क्या होता है अंगारक योग, जानिए कुंडली में राहु के साथ अन्य ग्रहों से योग का प्रभाव
Tue, 15 Jun 2021 06:13 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 15 Jun 2021 06:13 PM IST
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ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की भूमिका
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पूर्णिमा का चांद
- फोटो : @pixabay
राहु और चंद्रमा
जब राहु और चंद्रमा की युति बनती है तो उस योग के कारण व्यक्ति को मानसिक परेशानियां आने लगती है। इस युति से जिन जातकों की कुंडली में असर होता है उसका प्रभाव पड़ता है।
जब राहु और चंद्रमा की युति बनती है तो उस योग के कारण व्यक्ति को मानसिक परेशानियां आने लगती है। इस युति से जिन जातकों की कुंडली में असर होता है उसका प्रभाव पड़ता है।
राहु और सूर्य
जब कुंडली में राहु और सूर्य का योग बनता है तब इस योग का प्रभाव नकारात्मक रहता है। सूर्य और राहु की युति से पिता और पुत्र में विवाद पैदा होने लगता है। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान राहु सूर्य को ग्रास करता है।
जब कुंडली में राहु और सूर्य का योग बनता है तब इस योग का प्रभाव नकारात्मक रहता है। सूर्य और राहु की युति से पिता और पुत्र में विवाद पैदा होने लगता है। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान राहु सूर्य को ग्रास करता है।
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मंगल ग्रह
- फोटो : Pixabay
राहु और मंगल
ज्योतिष के अनुसार जब-जब राहु और मंगल की युति होती है तब अंगारक योग का निर्माण होता है। इस योग के निर्माण से प्रभावित जातकों को खून से संबंधित परेशानियां बढ़ जाती है। यह योग भाई के लिए अशुभ रहता है।
ज्योतिष के अनुसार जब-जब राहु और मंगल की युति होती है तब अंगारक योग का निर्माण होता है। इस योग के निर्माण से प्रभावित जातकों को खून से संबंधित परेशानियां बढ़ जाती है। यह योग भाई के लिए अशुभ रहता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
राहु और बुध
जब-जब राहु और बुध की युति होती है तब व्यक्ति को सिर से संबंधित बीमारियां होने लगती है।
जब-जब राहु और बुध की युति होती है तब व्यक्ति को सिर से संबंधित बीमारियां होने लगती है।