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ये कैसा रोस्टर, एकमात्र एससी महिला के लिए आरक्षित कर दिया वार्ड
Sun, 27 Dec 2020 01:40 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहपुर (कांगड़ा)
अमर उजाला नेटवर्क, शाहपुर (कांगड़ा)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 27 Dec 2020 01:40 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर जहां मैदान में उतरने की चाह रखने वाले कई लोगों के सपने तोड़ चुका है तो कई रोस्टर गिफ्ट बनकर आया है। जिला कांगड़ा की ग्राम पंचायत रैत का वार्ड पांच इसका उदाहरण है। यह वार्ड इस बार अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। खास यह है कि इस वार्ड में एससी वर्ग का मात्र एक परिवार है।
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उसमें भी एक ही महिला मतदाता है। ऐसे में अगर महिला वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ने उतरती भी है तो लोगों के विरोध के बावजूद चुनाव आयोग की मेहरबानी से निर्विरोध चुनी जाएगी। ऐसे आरक्षण रोस्टर का जहां मजाक उड़ रहा है, वहीं वार्ड पंच के चुनाव में उतरने वाले चाहवान उम्मीदवार परेशान हैं। अब वार्ड के अन्य 68 वोटरों ने यह मामला जिला पंचायत अधिकारी और खंड विकास अधिकारी रैत के ध्यान में लाया है।
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वर्ष 2010 की जनगणना के आधार पर आयोग ने आरक्षण रोस्टर जारी किया है। उस समय पंचायत में कुल पांच वार्ड थे। 2015 में पंचायती राज चुनाव से कुछ माह पहले आबादी के अनुसार प्रदेश सरकार के दिशानिर्देश पर यहां दो नए वार्ड जोड़कर कुल सात वार्ड बनाए गए।
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स्थानीय निवासी मदन शर्मा व शेर सिंह ने बताया कि इस बार जब आरक्षण रोस्टर जारी किया गया तो 2010 की जनगणना और 2015 के चुनाव के आधार पर पुराने पांच नंबर वार्ड की सूची बदल गई। अब वार्ड नंबर पांच में केवल एक ही महिला वोटर अनुसूचित जाति से है। आरक्षण रोस्टर लागू करते समय इसका ध्यान नहीं रखा।