Corona in Uttarakhand: 54 नए मरीज मिले, दो की मौत, संक्रमित मिलने पर मसूरी में बनाया कंटेनमेंट जोन
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प्रदेश में 24 घंटों के भीतर दो कोरोना मरीजों की मौत और 54 नए संक्रमित मिले हैं। जबकि 106 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। कुल संक्रमितों की संख्या 97754 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को 14994 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं, सात जिलों में 54 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। हरिद्वार जिले में 17, देहरादून में 15, नैनीताल में 11, अल्मोड़ा में पांच, पौड़ी में तीन, पिथौरागढ़ में दो, बागेश्वर में एक संक्रमित मिला है। प्रदेश में दो कोरोना मरीजों की मौत हुई है।
जिसमें श्री महंत इन्दिरेश हास्पिटल में एक, सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी में एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है। जबकि 106 मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया। इन्हें मिला कर 94058 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 583 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है।
मसूरी : गोलवे काटेज से सेंट जार्ज स्कूल तक कंटेनमेंट जोन घोषित
मसूरी के बर्लोंगंज में कोरोना संक्रमित व्यक्ति मिलने से गोलवे काटेज से सेंट जार्ज स्कूल तक के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। अब यहां पूरी तरह से लॉकडाउन रहेगा। स्थानीय लोग अपने-अपने घरों में ही रहेंगे। जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग को यहां आवश्यक सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए हैं।
लॉकडाउन के इस क्षेत्र के सभी बैंक, दुकानें, प्रतिष्ठान, कार्यालय, बैंक आदि बंद रहेंगे। परिवार के एक सदस्य को ही आवश्यक सामग्री क्रय की अनुमति होगी। जिला पूर्ति विभाग को उक्त क्षेत्र में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति के निर्देश जिला प्रशासन ने दिए हैं। यह नियम अगले आदेशों तक जारी रहेगा।
सैंपल जांच के साथ हरिद्वार में बढ़ रहे संक्रमित मामले
तीर्थ नगरी हरिद्वार में स्नान पर्वों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल जांच बढ़ाई है। इससे हरिद्वार जिले में संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं। बीते चार दिनों से हरिद्वार ने संक्रमित मामलों में देहरादून को पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। मैदानी जिलों में देहरादून में ही एक दिन में सबसे अधिक संक्रमित मामले मिले थे। वर्तमान में हरिद्वार में स्नान पर्वों पर उमड़ी रही भीड़ से संक्रमित बढ़ रहे हैं।
पिछले चार दिनों में हरिद्वार व देहरादून जिला में संक्रमितों पर एक नजर
दिन - हरिद्वार - देहरादून
10 मार्च - 19 - 00
11 मार्च - 25 - 22
12 मार्च - 23 - 11
13 मार्च - 17 - 15
कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र में मालवीय चौक के समीप स्थित एक कॉलोनी निवासी व्यक्ति की तबीयत कुछ दिन से खराब चल रही थी। दो दिन पहले परिजनों ने उसकी कोविड जांच कराई थी। शुक्रवार को आई रिपोर्ट में व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया। इसकी जानकारी परिजनों ने सिविल अस्पताल को दी। उन्होंने अस्पताल से सुबह एंबुलेंस भेजने के लिए कहा।
डॉ. दिग्विजय ने बताया कि सुबह जब परिजनों से संपर्क किया गया तो पता चला कि उन्होंने रात में ही मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती कर दिया था, जहां इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक के परिजनों से दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया। काफी देर बार टीम मृतक के घर पहुंची, लेकिन तब तक परिजन शव का अंतिम संस्कार कर चुके थे। उनका कहना था कि कोविड गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम संस्कार किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर को सैनिटाइज कराने के लिए कहा तो परिजनों ने इनकार कर दिया। कई बार समझाने के बावजूद परिजन नहीं माने। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि अभी कोरोना पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसलिए महामारी को गंभीरता से लेते हुए नियमों का पालन करना चाहिए। शहर में जगह-जगह टीकाकरण केंद्र खोले जा रहे हैं। कोरोना योद्धाओं और बुजुर्गों को आगे आकर टीकाकरण करवाना चाहिए। तभी कोरोना संक्रमण की चेन टूटेगी। उन्होंने बताया कि शनिवार को रुड़की में चार और नारसन के एक व्यक्ति में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।
जिला अस्पताल का गार्ड निकला कोरोना पॉजिटिव
अल्मोड़ा जिला अस्पताल का एक गार्ड कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। उसने 14 मार्च को होने वाली एक परीक्षा के लिए आरटीपीसीआर जांच करवाई थी, जिसमें वह संक्रमित पाया गया, जबकि उसमें जांच से पहले संक्रमण के कोई लक्षण नहीं थे। गार्ड में संक्रमण की पुष्टि करते हुए जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरसी पंत ने बताया कि सुरक्षाकर्मी को होम आइसोलेट कर दिया गया है।
डा. आरसी पंत ने बताया कि सुरक्षा गार्ड को 25 जनवरी को कोरोना टीके की पहली डोज लगाई गई थी। इसके बाद 27 फरवरी को उसने दूसरा टीका लगवाया था। उनका कहना है कि कोरोना के टीके लगने के बाद कोरोना पॉजिटिव निकलना कुछेक मामलों में अपवाद हो सकता है। बता दें कि अल्मोड़ा जिले में 16 जनवरी को टीकाकरण का शुभारंभ हुआ था।
टीका लगाने के बाद भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव निकल सकती है, लेकिन टीका लगाने के बाद ऐसा होने की संभावना बहुत कम रह जाती है। कुछ मामलों में रिपोर्ट पॉजिटिव आए भी तो इससे घबराने की जरूरत नहीं है। टीका लगाने से संक्रमण का प्रभाव काफी कम हो जाता है।
- डॉ. दीपंकर डेनियल, एसीएमओ अल्मोड़ा
सेना के अस्पतालों में लगेगी कोविड वैक्सीन
प्रदेश में 16 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कोविड टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था। दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जा रही है। टीकाकरण का तीसरा चरण एक मार्च से शुरू हुआ है। जिसमें 60 साल से अधिक आयु वर्ग और 45 से 59 आयु वर्ग के गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है। तीसरे चरण में कोविड वैक्सीन लगवाने वाले बुजुर्गों की संख्या अधिक है। केंद्र सरकार ने टीकाकरण में तेजी लाने के लिए सेना अस्पतालों में टीकाकरण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड सैनिक बहुल प्रदेश है। यहां पर कार्यरत सैनिकों व पूर्व सैनिकों की तादाद सबसे अधिक है। सेना अस्पतालों में सैनिक, पूर्व सैनिक और उनके परिवार के बुजुर्गों को कोविड वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रदेश में देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत, उत्तरकाशी जिले में सेना अस्पताल में है। जहां पर सैनिक, पूर्व सैनिकों को चिकित्सा सुविधा दी जाती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. सरोज नैथानी का कहना है कि केंद्र की ओर से सेना अस्पतालों में भी कोविड वैक्सीन लगाने के लिए पत्र मिला है। सेना अस्पताल देहरादून में टीकाकरण की सुविधा है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में स्थापित सेना अस्पतालों से वैक्सीनेशन के लिए संपर्क किया जा रहा है।