आर्म्स एक्ट केस में सलमान बरी, फैंस से बोले- शुभकामनाओं और सहयोग के लिए शुक्रिया
नया साल सलमान खान के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। जोधपुर अदालत ने 18 साल पुराने हिरण शिकार और शिकार में अवैध हथियारों के इस्तेमाल के मामले में उन्हें बरी कर दिया है। कोर्ट के बाहर सलमान खान को देखने के लिए उनके प्रशंसकों की भीड़ लगी है।
सरकारी वकील ने बताया कि सलमान को संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया। अपनी बहन अलवीरा के साथ कोर्ट पहुंचे सलमान ने फैसला सुनने के बाद अलवीरा से हाथ मिला खुशी जाहिर की। कोर्ट से बरी होने के बाद सलमान ने ट्वीट कर अपने प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया। सलमान ने कहा, 'आप सभी का साथ देने के लिए और शुक्रिया। शुभाकामनाएं।'
Thank you for all the support and good wishes
— Salman Khan (@BeingSalmanKhan) January 18, 2017
बता दें कि अदालत में उपस्थिति देने के लिए सलमान मंगलवार शाम में ही जोधपुर पहुंच गए थे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला जोधपुर दलपत सिंह राजपुरोहित की अदालत में दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी हो गई थी और फैसला सुनाने के लिए 18 जनवरी की तिथि तय की गई थी। सलमान पर लाइसेंस अवधि पार अवैध हथियार रखने पर आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 तथा अवैध हथियार इस्तेमाल करने पर 3/27 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि ‘फिल्म हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान वर्ष 1998 में एक व दो अक्टूबर की रात को सलमान पर जोधपुर के लूणी थाना क्षेत्र के कांकाणी गांव की सरहद पर दो काले हिरणों के शिकार करने का आरोप था। इस दौरान वन विभाग ने सलमान पर शिकार में अवैध हथियारों के इस्तेमाल का भी आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज किया था।
हिरण शिकार प्रकरण में सलमान के साथ अभिनेता सैफ अली खान एवं अभिनेत्री नीलम, तब्बू एवं सोनाली बेन्द्रे सहित एक स्थानीय व्यक्ति दुष्यंत सिंह को आरोपी बनाया गया था, जो इसी अदालत में अभी विचाराधीन चल रहा है।
तीन बार काट चुके हैं जेल, कुल 18 दिन
हिरण शिकार के आरोप में सलमान को सबसे पहले वन विभाग ने 12 अक्टूबर 1998 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सलमान खान अब तक तीन बार में करीब 18 दिन तक की जोधपुर केंद्रीय कारागार में जेल काट चुके हैं। हालांकि पिछली बार वह नौ वर्ष पहले जेल गए थे।
पहली बार हिरण शिकार की घटना के बाद वर्ष 1998 में जेल में बंद किए गए थे। दो दिन रिमांड पर रहने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। वे 17 अक्टूबर तक जेल में रहे। इसके बाद घोड़ा फार्म हाउस शिकार मामले में उन्हें 10 अप्रैल 2006 को पांच साल की सजा सुनाई गई। उन्हें अदालत से सीधे जेल में डाल दिए गए। हाईकोर्ट से उन्हें छह दिन बाद जमानत मिली।
इसके ठीक अगले वर्ष निचली अदालत ने एक बार फिर उनकी सजा की पुष्टि कर दी और उन्हें 26 अगस्त 2007 को एक बार फिर जोधपुर जेल में बंद किया गया। 31 अगस्त को उन्हें एक बार फिर जमानत पर रिहा किया गया।