{"_id":"62cd7f45d9ba9d3d52407b9e","slug":"cyber-crime-in-uttarakhand-2-99-lakh-fraud-in-name-of-depositing-electricity-bill","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cyber Crime: बिजली बिल जमा कराने के नाम पर ठगे 2.99 लाख, पढ़ें कैसे लगाया चूना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Cyber Crime: बिजली बिल जमा कराने के नाम पर ठगे 2.99 लाख, पढ़ें कैसे लगाया चूना
Tue, 12 Jul 2022 07:37 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 12 Jul 2022 07:37 PM IST
सार
ठगों ने मैसेज भेजकर पहले उन्हें बिजली कटने का डर दिखाया और फिर बिल जमा कराने का झांसा दिया।
विज्ञापन
साइबर ठगी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
साइबर ठगों ने बिजली का बिल जमा कराने के नाम पर एक व्यक्ति से 2.99 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने मैसेज भेजकर पहले उन्हें बिजली कटने का डर दिखाया और फिर बिल जमा कराने का झांसा दिया। इसके बाद उनसे क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड कराने के बाद रकम खातों से निकाल ली।
विज्ञापन
तेगबहादुर रोड निवासी वीरेंद्र कुमार ओझा को शनिवार को एक मैसेज आया था। इसमें लिखा था कि आपका बिल जमा नहीं हुआ है, यदि आज जमा न कराया तो रात साढ़े नौ बजे बिजली काट दी जाएगी, जिससे वह डर गए। कुछ देर बाद उनके पास फिर एक फोन आया। उसने भी यही बातें दोहराई। ओझा ने कहा कि वह बिल पहले ही जमा करा चुके हैं और वह भी ऑनलाइन। इस पर फोन करने वाले ने कहा कि खाते से पैसे कट गए होंगे, लेकिन यहां पर अपडेट नहीं हुआ।
विज्ञापन
कहा कि इसके लिए उन्हें एक फार्म भरना होगा। अपडेशन फार्म भरवाने के नाम पर ठगों ने उनसे क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड कराया। डाउनलोड होते ठगों ने ओझा के मोबाइल का कंट्रोल अपने हाथों में ले लिया। इसके बाद उनके खाते से 2.99 लाख रुपये कट गए। उन्होंने तत्काल 1930 डायल किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस पर जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
दर्ज हो चुके हैं तीन मुकदमे
एसएसपी ने बताया कि ठग इन दिनों बिजली बिल के नाम पर ठगी कर रहे हैं। बीत दो माह में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। सभी को इसी तरह से डराया गया था। सभी मामलों में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम काम कर रही है। जल्द ही ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
क्विक सपोर्ट जैसी एप्लीकेशन से बचें
कोई भी यदि क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड कराने को कहता तो सावधान हो जाएं। क्विक सपोर्ट एप कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल में डाउलोड किया जाता है तो यह बड़ा खतरा हो सकता है। यदि कोई इस पर आए कोड को पूछता है तो आपके डिवाइस का कंट्रोल दूसरे व्यक्ति के पास चला जाता है। ऐसे में वह डिवाइस में मौजूद डाटा का इस्तेमाल कर सकता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आपको यह डाउनलोड करने के लिए कौन कह रहा है। यदि कोई आपका टेक्निकल सहायक आपका डिवाइस ठीक करने के लिए इसे डाउनलोड कराता है, तब तो ठीक है। नहीं तो बड़ी ठगी का शिकार हो सकते हैं।