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Acharya Vidyasagar Maharaj: विद्यासागर महाराज ने ली समाधि, 10 महीने इंदौर में रहे थे, पीएम ने दी श्रद्धांजलि

Sun, 18 Feb 2024 11:34 AM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Sun, 18 Feb 2024 11:34 AM IST
सार

Acharya Vidyasagar Maharaj: डोंगरगढ़ स्थित चन्द्रगिरि तीर्थ में शनिवार देर रात 2:35 बजे श्री विद्यासागर जी महाराज ने अपना शरीर त्याग दिया। तीन दिन के उपवास और अखंड मौन के बाद उन्होंने प्राण त्याग दिए।

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acharya vidyasagar maharaj of digambara jain muni took samadhi
आचार्य विद्यासागर महाराज ने ली समाधि, जैन समाज पहुंचा चन्द्रगिरि तीर्थ - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Acharya Vidyasagar Maharaj: इंदौर ऐसा एकमात्र शहर है जहां आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज (Acharya Vidyasagar Maharaj ) ने अपने साधु जीवन का सबसे अधिक वक्त बिताया है। 56 साल के साधु जीवन में उन्होंने 10 महीने से ज्यादा का समय इंदौर में बिताया। 19 साल के लंबे इंतजार के बाद साल 2020 में उनका आगमन अहिल्या की नगरी इंदौर में हुआ। इस दौरान इंदौर के भक्तों का सौभाग्य ऐसा जागा कि गुरु का सानिध्य 300 दिन से ज्यादा का मिल गया। 


पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स कर लिखा- "मुझे वर्षों तक उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सम्मान मिला। मैं पिछले साल के अंत में छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में चंद्रगिरि जैन मंदिर की अपनी यात्रा को कभी नहीं भूल सकता। उस समय, मैंने आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी के साथ समय बिताया था।




आधे दिन का शोक घोषित
आचार्य विद्यासागर महाराज के देहावसान पर मध्य प्रदेश सरकार की ओर से रविवार को आधे दिन का अवकाश घोषित किया गया।  इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। इस दौरान राजकीय समारोह व कार्यक्रम नहीं किए गए। 

 

कोरोना संक्रमण की वजह से इंदौर को मिला सौभाग्य
साल 2020 में जब आचार्य विद्यासागर इंदौर आए तो कोरोना की वजह से लाकडाउन लगा। इस वजह से इंदौर की जनता को गुरु का यह प्रेम मिल पाया। जैन समाजजन कहते हैं कि गुरु के प्रति अपार स्नेह की वजह से इंदौर को यह सौभाग्य मिला। 
acharya vidyasagar maharaj of digambara jain muni took samadhi
चार महीने पहले महाराज का 77वां जन्म दिवस त्रिमूर्ति कालानी नगर में मनाया गया। - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
चन्द्रगिरि तीर्थ में देह त्यागी
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चन्द्रगिरि तीर्थ (chandragiri dongargarh jain temple) में शनिवार देर रात 2:35 बजे श्री विद्यासागर जी महाराज ने अपना शरीर त्याग दिया। दिगंबर मुनि परंपरा के आचार्य ने पूर्ण जागृतावस्था में आचार्य पद का त्याग किया। इसके बाद तीन दिन का उपवास लिया और अखंड मौन धारण कर लिया। इसके बाद उन्होंने प्राण त्याग दिए। उनके शरीर त्यागने की खबर मिलने के बाद जैन समाज के लोग डोंगरगढ़ में जुटना शुरू हो गए हैं। आज दोपहर 1 बजे उनकी अंतिम संस्कार विधि होगी।

पीएम मोदी मिलने पहुंचे थे
पिछले साल 5 नवंबर को पीएम मोदी (pm modi) ने डोंगरगढ़ पहुंचकर मुनि श्री का आशीर्वाद लिया था। तब उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी का आशीर्वाद पाकर धन्य महसूस कर रहा हूं।

पहली फिल्म भी इंदौर में आई
आचार्य विद्यासागर महाराज (Acharya Vidyasagar Maharaj) के जीवन पर बनी फिल्म ‘अंतर्यात्री महापुरुष-द वाकिंग गॉड’ का पहला शो भी इंदौर में रखा गया। इसके बाद इसका देशव्यापी प्रदर्शन हुआ। शिरोमणि क्रिएशंस के बैनर तले निर्मित इस फिल्म का पहला शो इंदौर के कस्तूर सिनेमा में लगा। फिल्म का प्रीमियर जयपुर के प्रसिद्ध राजमंदिर सिनेमाघर में हुआ था। इंदौर में फिल्म के तीन दिन के सभी शो हाउसफुल रहे थे।

अवतरण दिवस पर मनाते हैं दिवाली
दिगंबर जैन समाज के सबसे बड़े संत आचार्य विद्यासागर महाराज का अवतरण दिवस शरद पूर्णिमा पर होता है। इस दिन को इंदौर में भक्त हर्षोल्लास से मनाते हैं। इस अवसर पर शहरभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नेमीनगर जैन कॉलोनी में इस दिन दीपावली मनाई जाती है। कॉलोनी में आकर्षक दीप और विद्युत सज्जा कर घर के आंगन में रांगोली बनाई जाती है। 
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आचार्य विद्यासागर जी महाराज के साथ मोहन भागवत। - फोटो : आचार्य विद्यासागर जी महाराज
इंडिया नहीं भारत बोलो
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने इंदौर में ही आचार्य विद्यासागर महाराज से भेंट की। इस दौरान उन्होंने आचार्यश्री को श्रीफल भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया। हिंदी और हथकरघा जैसे विषयों पर सभी ने चर्चा की। संघ प्रमुख को इंडिया नहीं, भारत बोलो की मांग वाला एक ज्ञापन सौंपा गया।
 
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