बिहार चुनाव: बागी, दागी, बाहुबली और धनकुबेरों पर दांव, अधिकांश दलों में दागियों की भरमार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस चुनाव में भी दागियों, बागियों और धनकुबेरों की कमी नहीं है। इनसे किसी भी पार्टी ने परहेज नहीं किया है। भले अनंत सिंह जेल में हैं लेकिन उनकी संपत्ति में कमी नहीं आई है। दलों ने दागियों और बाहुबलियों के साथ-साथ उनकी पत्नियों और बच्चों को मैदान में उतारना शुरू कर दिया है।
जदयू का हाल
सुशासन का दावा करने वाली राज्य में सत्तारूढ़ जदयू भी इस मामले में पीछे नहीं है। नरसंहार समेत हत्या के कई मामलों के आरोपी अवधेश मंडल ने चुनाव लड़ने का एलान किया है। अवधेश मंडल की पत्नी बीमा भारती नीतीश सरकार में मंत्री हैं। बीमा भारती पर भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह फिर रुपौली से जदयू के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं।
मंजू वर्मा चेरिया बरियारपुर से जदयू उम्मीदवार हैं। इनके पति चंद्रशेखर वर्मा पर मुजफ्फरपुर आश्रय गृह कांड का दाग है। गोपालगंज के बाहुबली सुनील पाण्डेय के छोटे भाई बाहुबली अमरेंद्र पाण्डेय उर्फ पप्पू पाण्डेय एक बार फिर जदयू के टिकट से मैदान में हैं। कुचायकोट विधायक अमरेंद्र पाण्डेय पर हत्या के कई मामले दर्ज हैं। हाल ही गोपालगंज में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोप भी अमरेंद्र पर हैं।
राजद का हाल
राजद ने भी जदयू की ही तरह दागियों से कोई परहेज नहीं किया है। पार्टी ने मोकामा से अनंत सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। अनंत सिंह पर तीन दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले हैं। 2015 में पुटूस यादव हत्याकांड के बाद लालू प्रसाद बेहद नाराज हो गए थे।
लालू प्रसाद की नाराजगी को कम करने के लिए तब नीतीश कुमार ने अनंत सिंह को जदयू से बाहर कर दिया था। अब उसी लालू प्रसाद की पार्टी राजद ने अनंत को अपना उम्मीदवार बना लिया।
बीना देवी राजद के टिकट पर वैशाली के महनार से चुनावी मैदान में हैं। बीना देवी बाहुबली रामा सिंह की पत्नी हैं। रामा सिंह पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी रामा सिंह को राजद में शामिल करने पर रघुवंश प्रसाद सिंह काफी खफा भी हुए थे और इतनी कड़वाहट बढ़ी कि आखिरी समय में उन्होंने लालू का साथ भी छोड़ दिया। कभी बिहार में अपराध का पर्याय रहे आनंद मोहन की पत्नी पूर्व सांसद लवली आनंद ने राजद का दामन थाम लिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि लवली आनंद राजद के टिकट पर सुपौल से मैदान में होंगी।
विभा देवी बाहुबली राजभल्लभ यादव की पत्नी हैं। दुष्कर्म के मामले में सजा के बाद राजबल्लभ की विधायकी चली गई। अब राजबल्लभ की सीट पर उसकी पत्नी विभा देवी राजद उम्मीदवार हैं। इसी तरह, दुष्कर्म के ही आरोप झेल रहे राजद विधायक अरुण यादव की पत्नी किरण देवी संदेश से राजद उम्मीदवार हैं।
निर्दलीय भी
अजय सिंह वैसे तो जदयू नेता हैं। आपराधिक रिकॉर्ड बहुत लंबा-चौड़ा है। पत्नी कविता देवी जदयू से एमपी हैं। अब खुद अजय सिंह सीवान के दरौंदा से निर्दलीय चुनावी मैदान में हैं। लोजपा नेता और आरा के पूर्व विधायक सुनील पाण्डेय ने लोजपा छोड़ दी है। इस बार वह निर्दलीय चुनावी मैदान में हैं। इसी के साथ उनके बाहुबली भाई हुलास पाण्डेय लोजपा के टिकट पर ब्रह्मपुर से चुनावी मैदान में हैं।
बागियों की भी बल्ले-बल्ले
संघ के कहने पर भाजपा में शामिल हुए। पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए। टिकट नहीं मिलने पर नाराज हुए। पार्टी छोड़ी और लोजपा के हो लिए। लोजपा ने राजेंद्र सिंह को दिनारा से अपना उम्मीदवार बनाया है। इसी तरह टिकट न मिलने पर वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक उषा विद्यार्थी ने भी भाजपा का साथ छोड़ दिया।
अब वह लोजपा के टिकट पर पालीगंज से उम्मीदवार हैं। झाझा के भाजपा विधायक रविंद्र यादव ने भी पार्टी छोड़ लोजपा का दामन थाम लिया। रविंद्र यादव को लोजपा ने टिकट भी थमा दिया है। राकेश सिंह घोषी के भाजपा विधायक हैं। टिकट नही मिलने से लोजपा पहुंच गए। अब लोजपा का टिकट हाथ में है।
भाजपा छोड़ लोजपा पहुंचे रामेश्वर चौरसिया को भी सासाराम से लोजपा का टिकट मिल गया है। जदयू के बागी भगवान सिंह कुशवाहा को लोजपा ने जगदीशपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा से बगावत कर बड़हरा से आशा देवी ने निर्दलीय ताल ठोक दी है।
धनकुबेर भी कम नहीं
राजद के बेलागंज उम्मीदवार सुरेंद्र प्रसाद यादव के पास 6 करोड़ 30 लाख 50 हजार 587 रु की संपत्ति है। ब्रह्मपुर के राजद प्रत्य़ाशी शंभुनाथ यादव के पास 4 करोड़ 60 लाख 83 हजार 755 रु की संपत्ति है।