इंदौर में बर्ड फ्लू : नए साल के पहले दिन दस्तक, मरे कौओं में मिला वायरस
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मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के हरे-भरे इलाके में हाल ही में मृत पाए गए 50 कौओं में शुक्रवार को बर्ड फ्लू के वायरस की पुष्टि हुई। इससे सतर्क प्रशासन ने सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षणों वाले मरीजों का पता लगाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। इससे तीन दिन पहले राजस्थान के झालावाड़ में भी 50 ये अधिक कौवों की अचानक से मौत हो गई थी। मप्र के भोपाल स्थित लैब में इनकी जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि के साथ ही प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया। वहीं लगातार हाडौत क्षेत्र में कौवों की मौत हो रही है। झालावाड़ के अलावा राजस्थान के कुछ अन्य शहरों में भी बर्ड फ्लू फैलने की खबर है।
इंदौर की प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पूर्णिमा गडरिया ने बताया कि रेसीडेंसी क्षेत्र के स्कूल डेली कॉलेज के परिसर में मंगलवार को करीब 50 कौए मृत पाए गए थे। पशु चिकित्सा विभाग ने इनमें से कुछ कौओं के शव परीक्षण के दौरान नमूने लेकर भोपाल की एक प्रयोगशाला में इनकी जांच कराई तो इनमें बर्ड फ्लू फैलाने वाले वायरस एच5एन8 की पुष्टि हुई।
उन्होंने बताया कि इसके बाद रेसीडेंसी क्षेत्र के पांच किलोमीटर के दायरे में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षणों वाले मरीजों को खोजने के लिए सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है। इन मरीजों के नमूने लिए जाएंगे और इन्हें बर्ड फ्लू की जांच के लिए भेजा जाएगा।
इस बीच पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक प्रमोद शर्मा ने बताया कि डेली कॉलेज परिसर में शुक्रवार को भी करीब 20 कौए मृत पाए गए। अब तक मरे मिले सभी कौओं को सुरक्षित वैज्ञानिक विधि से दफना दिया गया है।
शर्मा ने बताया कि हरियाली से भरे रेसीडेंसी क्षेत्र में हजारों कौओं का बसेरा है। इस क्षेत्र में मरे कौओं को खोजने का अभियान अगले कुछ दिनों तक जारी जारी रहेगा।
गौरतलब है कि रेसीडेंसी क्षेत्र शहर के पॉश इलाकों में शुमार होता है। इस इलाके में पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों के साथ न्यायाधीशों के भी बंगले हैं।
