संस्कार शिविर में रहने वाले दो लड़के दिन में भजन करते और रात में चोरी, लाखों का सामान बरामद
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अपने बच्चों को माता-पिता संस्कार शिविरों में इसलिए भेजते हैं ताकि वह वहां रहकर कुछ नया सीखें। वहां होने वाले भजनों से भी उन्हें गलत मार्ग पर न जाने की शिक्षा दी जाती है। लेकिन हमेशा ऐसा हो, ये जरूरी नहीं। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र से भी सामने आया है। यहां पुणे शहर के हड़पसर और मुंढवा इलाके में लगातार चोरियां हो रही थीं। मामले में पुलिस ने जिन दो लड़कों को गिरफ्तार किया है, वह दोनों ही संस्कार शिविर के छात्र हैं।
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दोनों के पास से 150 ग्राम सोने के जेवर और 20 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। इन दोनों लड़कों का नाम सागर भालेराव और स्वप्निल गिरमे है। पुलिस काफी निगरानी करने के बाद भी चोरी रोक पाने में नाकाम थी।
जब भी इन इलाकों में कोई वारदात होती तो पुलिस को दो छात्र दिखाए देते। लेकिन पुलिस का शक कभी उनपर नहीं जाता था क्योंकि दोनों ही एक प्रतिष्ठित संस्कार शिविर के छात्र थे। इसके अलावा रात में ये लोग जब भी बाहर जाते तो अपने साथ आईडी कार्ड लेकर जाते थे। इन 40 चोरियों को दोनों ने डेढ़ साल में अंजाम दिया है।
6 घंटे करते थे भजन-कीर्तन
चोरी के आरोप में पकड़े गए दोनों लड़के दिन में 6 घंटे भजन कीर्तन करते थे। तीन घंटे सुबह और तीन घंटे शाम। लेकिन रात को शिविर में आराम करने के बजाय दोनों चोरी करने के लिए निकल जाते थे। रात को चोरी करने के लिए जाने से पहले भी ध्यान लगाते थे। दोनों रास्ते में बाइक चुराते और काम खत्म होने पर उसे रास्ते में ही छोड़ देते। अब जाकर दोनों पुलिस की गिरफ्त में आए हैं।