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अमीरों को लूटने के लिए हाईटेक चोर इस्तेमाल करता था गूगल मैप
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:21 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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चोरी करने के लिए चोर कई तरह के हथियारों और नकली चाबियों का सहारा लेते हैं, ये बात तो हर कोई जानता है। लेकिन ये शायद ही कोई जानता हो कि चोर विकसित होती तकनीक का भी सहारा ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला आया है तेलंगाना के हैदराबाद से। ये चोर वारदात को अंजाम देने के लिए अमीर लोगों के घरों को खोजते थे। इसके लिए यह गूगल मैप की मदद लेते थे।
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संबंधित जगह के बारे में पता करने के बाद ये चोर बकायदा फ्लाइट लेकर उस जगह पर जाते थे। काफी लंबी खोज के बाद चोर को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब चेन्नई के अपोलो अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर के साथ लूट हुई।
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वारदात को चोरों ने बीते महीने ही अंजाम दिया था। लेकिन अपने पीछे उन्होंने कोई सबूत नहीं छोड़ा। ऐसी ही कुछ घटनाएं चेन्नई के कई इलाकों में भी हुईं। यह ऐसे इलाके थे जहां अमीर लोग रहते हैं। पुलिस काफी समय से चोरों की तलाश कर रही थी लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लग रहा था।
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चोर तक पहुंचने के लिए पुलिस को उस वक्त मदद मिली जब आंध्र प्रदेश के रहने वाले एक चोर साथिया रेड्डी को तेलंगाना पुलिस ने एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया। जांच के बाद पुलिस को पता चला कि दो अन्य जगहों में लूट की वारदात में वो चोर भी शामिल था। इसके बाद जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो वह उसके चोरी करने के तरीके को देखरक हैरत में रह गई।
गूगल मैप की लेते थे मदद
पुलिस को जांच में पता तला कि चोर लूट के लिए चेन्नई में गूगल मैप की सहायता से पौश इलाकों की तालश करता था। इसके बाद वह चेन्नई से उस जगह तक फ्लाइट लेकर पहुंचता और वारदात को अंजाम देता। संबंधित इलाके में पहुंचने के बाद चोर ऐसे घर की तलाश करता जहां रहने वाले लोग या तो काम के कारण बाहर होते थे या फिर ऐसे घर जहां लॉक लगा हो।
कैमरों के आगे पूरी तैयारी
अमीर लोगों के इन इलाकों में कैमरे लगे होते हैं। ऐसे में खुद को कैमरे में आने से बचाने के लिए चोर मुंह पर मास्क और हाथों में गलव्स पहनता था। वह अपने साथ कुछ औजार भी रखता था ताकि बंद खिड़की और दरवाजों को खोला जा सके। यही कारण है कि पुलिस को कैमरे में चेहरा नहीं दिख पा रहा था और न ही चोर की उंगलियों के निशान मिल रहे थे। वहीं लूट को अंजाम देने के बाद चोर अपने घर फ्लाइट से नहीं बल्कि ट्रेन से पहुंचता था।