कोच खिलाड़ियों से मांगता था सेक्सुअल फेवर, खेल प्राधिकरण ने दिखाया बाहर का रास्ता
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भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को अपने तीन क्षेत्रीय केंद्रों से यौन शोषण की शिकायतें मिली हैं। जिसपर कार्रवाई करते हुए उसने एक कोच को निकाल दिया है तो दूसरे कर्मचारी से अनिवार्य सेवानिवृत्ति ले ली है। इसके अलावा दूसरे कोच के खिलाफ आतंरिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। निकाला गया कोच साई के तमिलनाडु केंद्र से ताल्लुक रखता है। उसके खिलाफ 15 जूनियर एथलीट ने टूटी-फूटी अंग्रेजी में साई मुख्यालय में लिखित शिकायत दी थी।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि कोच उनसे सेक्सुअल फेवर मागंता है। उसने कथित तौर पर लड़कियों से कहा है कि उनकी ना का मतलब है करियर का खत्म होना। इसी तरह की शिकायत गुजरात से भी मिली है जहां इस समय मामले की जांच चल रही है। तीसरी शिकायत साई को बेंगलुरु से मिली है। जहां एक अकाउंटेंट ने एकेडमी की महिला कोच को अश्लील मैसेज भेजे हैं। इतनी सारी शिकायतें मिलने के बाद साई की डायरेक्टर नीलम कपूर ने तुरंत घटना पर संज्ञान लिया।
कपूर ने तमिलनाडु के कोच को आंतरिक जांच में दोषी पाए जाने के तीन महीने के अंदर निकाल दिया है। जैसे ही कोच को पता चला कि ट्रेनियों ने उसके खिलाफ शिकायत की है उसने लाउडस्पीकर के जरिए लड़कियों को डराना शुरू कर दिया। उनसे पूछा कि उन लोगों का नाम बताएं जिन्होंने उसके खिलाफ शिकायत की है। साई की जांच में पता चला है कि आरोपी कोच आदतन अपराधी है और इसलिए उसे बाहर निकाल दिया गया है। भविष्य के लिए मिसाल कायम करते हुए और साई ने क्षेत्रीय केंद्रों में तैनात कोचों को एक कड़ा संदेश देते हुए ना केवल कोच को निकाला गया है बल्कि इस बात को सुनिश्चित किया गया है कि उसे पेंशन ना मिले।
पूरे भारत में इस समय साई के विभिन्न केंद्रों में 7,000 लड़के और 7,000 लड़कियां ट्रेनी हैं। गुजरात से संबंधित यौन शोषण मामले में साई शिकायत की सत्यता की पुष्टि कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यदि कोच के खिलाफ लगे आरोप सत्य पाए जाते हैं तो उसे निकाल दिया जाएगा। बेंगलुरु के मामले में साई के अकाउंटेंट पर अश्लील मैसेज भेजने का आरोप है। मामले पर डीजी ने आरोपी के खिलाफ आंतरिक जांच की और उसे तुरंत अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेने का आदेश दिया है। तीन मामलों के सामने आने के बाद साई पाक्सो और पॉश कानूनों के बारे में नाबालिगों को जागरुक करने का अभियान चलाने वाली है। ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Committed to make sports sector safe for women&children&won't hesitate to act against those who violate it. We're beginning awareness prog on POCSO&POSH Acts to prevent such incidents: N Kapur,DG Sports Authority of India on complaints of sexual harassment from 3 regional centres pic.twitter.com/EJh4gFCYXi
— ANI (@ANI) June 6, 2018