इंद्राणी ने पीटर से कहा था कि उसने नहीं, मिखाइल ने शीना को मारा
- 'मिखाइल ने खुद इंद्राणी से शीना की हत्या की बात कबूली थी'
- 'इंद्राणी ने 15 साल तक पीटर को धोखे में रखा'
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हाई प्रोफाइन शीना बोरा हत्याकांड में एक बार फिर नया बयान मीडिया की सुर्खियां और लोगों की दिलचस्पी की वजह बन रहा है। पीटर के भाई गौतम मुखर्जी ने मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में कहा बीते साल अक्टूबर में जेल में इंद्राणी मुखर्जी ने पीटर से इस हत्याकांड में अपनी भूमिका कबूली थी। इंद्राणी ने पीटर को बताया था कि शीना की हत्या उसने नहीं, बल्कि उसके बेटे मिखाइल ने की थी, उसने तो बस शीना की लाश को ठिकाने लगाने में उसकी मदद की थी।
पीटर के भाई गौतम मुखर्जी की मानें तो जेल में कैद उनका भाई पीटर इस केस में एकदम बेगुनाह है। उसका कोई कुसूर नहीं हैं। उसे तो जबरन इस केस में घसीटा गया है। गौतम के साथ उनकी बहन शगुन मुखर्जी ने भी इस बात की तस्दीक की। दोनों के मुताबिक पीटर और इंद्राणी मुखर्जी के बीच इस मसले पर बीते साल बायकुला जेल में बात हुई थी।
गौतम और शगुन ने बताया कि इस केस में ढाई सौ गवाह है लेकिन किसी ने भी इस हत्याकांड में पीटर की तरफ उंगली नहीं उठाई। पीटर को महज इंद्राणी के बारे में होने वाले खुलासों की वजह से खींच लिया गया।
'मिखाइल ने खुद इंद्राणी से शीना की हत्या की बात कबूली थी'
गौतम और शगुन के मुताबिक साल 2012 में जब इंद्राणी पर शीना को मारने का आरोप लगा तब पीटर लंदन में था। पारिवारिक सूत्रों ने ये भी बताया कि शीना की हत्या करने का ख्याल भी इंद्राणी के दिमाग कैसे आ सकता है वो तो अपने पूर्व पति संजीव खन्ना के साथ डर्टी वीकेंड मनाने के चक्कर में थी।
उस दिन शीना का भाई मिखाइल उसे और ड्राइवर श्यामवीर राय को अपने साथ ले गया था। लेकिन जब घर लौटा तो शीना उसके साथ नहीं थी। इंद्राणी ने इसके बारे में पूछा तो मिखाइल ने बताया कि उसने शीना की हत्या कर दी।
गौतम के मुताबिक मिखाइल का पुणे के मनोचिकित्सक डॉक्टर यूसुफ माचिसवाला के यहां मनोरोग का इलाज भी चल रहा था।
गौतम के मुताबिक बेटी की हत्या के बाद जब इंद्राणी गिरफ्तार हुई थी तो पीटर उससे अपना दर्द बांटा था। पीटर ने गौतम से कहा था कि इंद्राणी और खन्ना के बीच शादी का बंधन भले ही टूट गया हो लेकिन दोनों में संबंध अब भी चल रहे थे।
'इंद्राणी ने 15 साल तक पीटर को धोखे में रखा'
कोर्ट में भी पीटर ने इंद्राणी के दगाबाज चरित्र की कहानी गौतम को बताई थी। पीटर ने गौतम को बताया था कि इंद्राणी उसे 15 साल से धोखा दे रही थी और उसे पता भी नहीं चला। वो चाहती तो दौलत-पैसा जो चाहिए ले लेती, लेकिन उसे धोखा न देती।
शगुन ने भी गौतम की हां में हां मिलाते हुए पीटर की बेगुनाही के बारे में दलीलें दीं।
दोनों भाई-बहन ने ये भी बताया कि पीटर को तो तीन साल तक पता ही नहीं था कि शीना की हत्या हो चुकी है। इंद्राणी को जब पुलिस लेकर जा रही थी तो तब पीटर ने कहा भी था कि वो सारी गलतफहमियां दूर करने के लिए शीना के लॉस एंजिलिस से यहां आने का इंतजाम करता है। लेकिन बाद में उसे पता चला कि शीना की हत्या कर दी गई है।
गौतम के मुताबिर इंद्राणी की गिरफ्तारी के बाद जब वह खार पुलिस स्टेशन पहुंचे तो उन्हें पता चला कि शीना की हत्या के बाद मिखाइल और उनकी हत्या की भी साजिश रची गई थी।