पूछताछ में जीआरपी फेल, सिपाही को भेजा जेल
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बृहस्पतिवार रात रेलवे स्टेशन पर बांदा सर्राफा व्यापारी संजय अग्रवाल के कर्मचारी अनिल कुमार सोनी से एक किलो सोना लूटने के आरोपी सिपाही हरीशंकर गौतम से जीआरपी पूछताछ में कुछ भी नहीं उगला सकी।
न ही पुलिस को उसके साथी का सुराग मिला, न ही लूटे गए सोने का पता चला। पुलिस ने सिपाही को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया। आरोपी सिपाही हरीशंकर गौतम को घटना की रात ही जीआरपी ने हिरासत में ले लिया था।
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तब से रविवार तक लगातार जीआरपी के अलग-अलग अफसरों ने उससे पूछताछ की, लेकिन वह कुछ भी उगलवाने में सफल नहीं हो सके। जीआरपी की माने तो तमाम प्रयास के बाद भी हरीशंकर से कुछ नहीं उगलवाया जा सका। थक हार कर रविवार को जीआरपी ने सिपाही को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
'जल्द सोना बरामद कर लिया जाएगा'
रेलवे पुलिस अधीक्षक डा. ओपी सिंह ने बताया कि मामले का खुलासा कर जल्द सोना बरामद कर लिया जाएगा।
बता दें कि रेलवे स्टेशन परिसर से बृहस्पतिवार की रात बांदा के चौक बाजार निवासी सर्राफा व्यापारी संजय अग्रवाल के कर्मचारी अनिल कुमार सोनी से जीआरपी के सिपाही हरीशंकर गौतम ने तीस लाख से अधिक कीमत का एक किलो सोना लूट लिया था।
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जीआरपी थाना पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर सिपाही और उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ लूट की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। चंबल एक्सप्रेस से उतरने के बाद आरोपी सिपाही और उसका साथी अनिल पीछा करते हुए आठ जगह सीसीटीवी फुटेज में दिखाई पड़ रहे हैं। जबकि, सिपाही आरोप से साफ इंकार कर रहा है। सोना बरामद करने तथा सिपाही के साथी की तलाश के लिए जीआरपी ने चार टीमें गठित की हैं।