पिता की हवस का शिकार बनी किशोरी पर पंचायत ने बरसाए कोड़े
- पहले पिता, फिर पंचायत ने की पार की दरिंदगी की हद
- 6 महीने पहले मां गुजर गई थी, बाप बनाने लगा हवस का शिकार
विस्तार
6 महीने पहले जब उसकी मां गुजरी तो उसके जहन बेटी का ख्याल जरूर आया होगा। मरते वक्त उसे इस बात की बेफिक्री होगी कि बेटी पिता की बाहों में महफूज रहेगी। लेकिन बेटी पहले पिता की बगनीयती, फिर पंचायत की वहशत की शिकार हो गई।
अपनी 13 वर्षीय बेटी के साथ पहले पिता ने दुष्कर्म किया, रही-बची कसर फिर पंचायत के वहशी फरमान ने पूरी कर दी। पंचायत के ठेकेदारों ने आरोपी पिता के साथ-साथ उस बेटी पर भी सरेआम कोड़े बरसाए।
पंचायत के तुगलकी फरमान पर अंजाम दी गई तालीबानी वहशत को किसी आरटीआई कार्यकर्ता ने चुपके से मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर लिया और पुलिस को इत्तला की।
अग्रेंजी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ पर अपलोड किए गए वारदात के वीडियो को देखकर किसी का भी कलेजा धक हो जाएगा।
6 महीने पहले मां गुजर गई थी, बाप बनाने लगा हवस का शिकार
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक दिल दहला देने वाली वारदात कोल्हापुर से करीब 140 किलोमीटर दूर सतारा जिले के पचवड गांव की है। यहां कि स्थानीय गोपाल समुदाय की जाट पंचायत ने बेटी का यौन शोषण करने वाले पिता को तो सजा सुनाई ही, पीड़िता पर भी कोड़े बरसाने का फरमान जारी कर दिया।
जाट पंचायत ने 55 वर्षीय आरोपी पिता पर 7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। वहीं बेटी पर बरसाए गए कोड़ों के बारे में दलील ये है कि ऐसा करने से बेटी पवित्र हो जाएगी।
वीडियों में पुलिस ने ये भी देखा कि हमलावरों ने पिटाई में इस्तेमाल किए गए तीन डंडे भी तोड़ डाले।
पुलिस की मानें बेटी को हवस का शिकार बनाने वाला शख्स नशेड़ी है और करीब 6 महीने पहले उसकी बीवी गुजर गई थी। पंचायत ने दोनों को दंड दिया। वीडियो क्लिप को साक्ष्य मानते हुए पंचायत के सदस्यों शिवाजी पवार, दत्तु चव्हाण, सारजेराव चव्हाण और राजाराम पवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गोपाल समुदाय के इन लोगों को खानाबदोश माना जाता है जो अमूमन सड़कों के किनारे रहकर और नट का खेल दिखाकर जीविका चलाते हैं।