फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Crime ›   false dowry cases in india: madhya pradesh high court said false dowry cases be dealt strictly

देवर और ननद को झूठे दहेज केस में फंसाने पर महिला पर जुर्माना, हाईकोर्ट ने कहा- सख्ती का समय आ गया

Wed, 12 Sep 2018 01:10 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Updated Wed, 12 Sep 2018 01:10 PM IST
विज्ञापन
false dowry cases in india: madhya pradesh high court said false dowry cases be dealt strictly
Madhya Pradesh High Court
दहेज के झूठे मुकदमों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने कहा, "कोर्ट का यह मानना है कि अब वह समय आ गया है जब पति के सगे-संबंधियों को झूठे प्रकरणों में फंसाने की प्रवृत्ति से सख्ती से निपटा जाए।" 
विज्ञापन


जज ने न सिर्फ पति के छोटे भाई और बहन के खिलाफ दहेज प्रताड़ना के मामले को खारिज करने का आदेश दिया बल्कि एफआईआर दर्ज कराने वाली महिला पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। 
विज्ञापन


बता दें कि साल 2017 में भिंड के कोतवाली थाने में खुशबू नाम की एक महिला ने पति प्रमोद के साथ-साथ देवर अजय और ननद पूजा के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। मुकदमे में उसने आरोप लगाया कि 15 जुलाई 2005 को हुई उनकी शादी के एक साल बाद से ही ससुराल वाले पांच लाख रुपए की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं करने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। इस दुर्व्यवहार से आजिज आकर वह मायके में रहने लगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


देवर अजय व ननद पूजा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए अपने खिलाफ दायर एफआईआर को निरस्त करने की मांग की। उनके वकील ने दलील दी कि पीड़िता खुशबू की शादी के समय अजय की उम्र 13 वर्ष और पूजा की उम्र 11 वर्ष थी। शादी के 12 साल बाद की गई शिकायत में खुशबू ने केवल मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया। लेकिन यह नहीं बताया कि किस तरह से प्रताड़ित किया जाता था। 


वकील ने कोर्ट के समक्ष यह भी कहा कि यह मामला समाज में बढ़ रही उस प्रवृत्ति का जीता-जागता उदाहरण है जिसमें पति के सगे-संबंधियों को भी दहेज के झूठे प्रकरणों में फंसाया जाता है, भले ही वे नाबालिग क्यों न हों।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed