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ऑनलाइन ठगी का गुरु, किराए पर लिए थे बैंक खाते, ऐसे मंगवाता था रकम
अमर उजाला/ ब्यूरो, मुरादाबाद
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:57 AM IST
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ऑन लाइन ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा पकडे़ गए ठग मोहातिर मोहम्मद सीफत की गिरफ्तारी से हजारों खाताधारक लुटने से बच गए। आरोपी ने ऑनलाइन शॉपिंग के लिए तीन श्रेणियों में खाताधारकों के नंबर बांट रखे थे।
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खाताधारक भारत के कई राज्यों के हैं। आरोपी के पास से बरामद लैपटॉप से पता चला कि उसके पास इतनी बड़ी संख्या में डाटा था कि सवा साल तक का समय उसे एक बैंकखाते से शापिंग करने में लग जाता था। यहीं नहीं उसने बैंक खाते भी किराए पर ले रखे थे, जिनमें वो ठगी कर पैसा मंगवाता था।
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सीओ क्राइम अर्चना सिंह ने बताया कि आरोपी द्वारा तैयार की गई एप्लीकेशन को रोजाना कई लोग डाउनलोड करते थे। इस एप्लीकेशन के जरिए उनके बैंक का डाटा आरोपी के पास पहुंच जाता था। बड़ी संख्या में आरोपी के पास लोगों के बैंकखाते की जानकारी इकट्ठा हो गई थी।
इस वजह से उसे खातों से रकम निकालने में काफी समय लग जाता था। जांच में पता चला है कि ठगी का शिकार हुए कोतवाली के बनवटा गंज निवासी सर्राफ मनीष गोयल के बैंक का डाटा आरोपी के पास ठगी की घटना से सवा साल पहले तक पहुंच गया था, लेकिन उनका नंबर सवा साल बाद आया।
सूत्रों का दावा है कि उसने कई लोगों के बैंकखाते भी किराए पर ले रखे थे, जिनमें वह लोगों से रकम मंगवाता था। पुलिस की टीम जल्द ही उसे रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी। सीओ क्राइम अर्चना सिंह ने बताया कि आरोपी के बैंकखाते और उसकी संपत्ति के बारे में भी जांच की जाएगी।
नए खरीददार न मिलने पर होती थी देरी
मुरादाबाद। साइबर टीम में तैनात रवि ने बताया कि आरोपी के पास लोगों का बड़ी संख्या में डाटा तो था लेकिन आनलाइन खरीददारी कर सामान मंगवाने के लिए उसके पास ‘नया पता’ नहीं होता था।
खरीददारी से पहले वह ऐसे व्यक्ति की तलाश करता था जो उसके द्वारा खरीदे गए सामान को अपने पते पर मंगवा ले, ताकि पुलिस आरोपी को ट्रेस न कर सके। इसके लिए वह सोशल साइट्स का इस्तेमाल करता था। जब कोई व्यक्ति तैयार हो जाता था तब वह आनलाइन शॉपिंग करता था।
यह है मामला
मुरादाबाद। गौरतलब है कि मोहातिर मोहम्मद सीफत निवासी रक्सौल (बिहार) हाल पता बैंगलोर स्थित नारायनपुर हिन्नूर को मुरादाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने बैंगलोर से गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेजा है।
आरोप है कि मोहातिर ने केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल लेनदेन के लिए शुरू की गई नकली भीम एप, आईसीआईसीआई बैंक, अभिनेता अमिताभ बच्चन के नाम से बिंगो एप सहित अन्य एप्लीकेशन तैयार की थी।
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जिसमें एक एंटी वायरस अटैच कर रखा था। इन एप्लीकेशन को डाउनलोड कर प्रयोग करने वालों के बैंकखाते की जानकारी आरोपी के पास चली जाती थी, जिससे वह ठगी करता था।