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पीड़िता के IAS पिता बोले, रफा-दफा नहीं होगा केस, अंत तक लडूंगा लड़ाई
amarujala.com- Presented by: विजय जैन
Updated Mon, 07 Aug 2017 01:49 PM IST
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Chandigarh stalking case
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चंडीगढ़ में छेड़छाड़ृ का शिकार पीड़िता के पिता सीनियर आईएएस ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह किसी भी हालत में अपनी शिकायत वापस नहीं लेंगे। वह किसी के दवाब में नहीं हैं।
यह मामला उनकी बेटी से जुड़ा है। वह एक पिता और एक अधिकारी होने का पूरा कर्त्तव्य निभाएंगे। उनके साथ न सिर्फ अधिकारी हैं बल्कि कई राजनेताओं ने भी मेरी कार्रवाई का समर्थन किया है। जब उनसे पूछा गया कि उन पर किसी तरह का दबाव तो नहीं है तो उनका जवाब था कि मेरे ऊपर किसी का भी कोई दबाव नहीं है। हालांकि सुबह एक जानकार ने मुझे सलाह दी कि इस मामले को रफा-दफा कर दो। जिस पर मैंने पर उन्हें जमकर लताड़ा।
मैंने उनसे कहा कि मामला मेरी बेटी से जुड़ा है इसलिए मैं किसी भी हालत में पीछे नहीं जाऊंगा। मैं अपने तौर पर इस लड़ाई को अंत तक लड़ता रहूंगा। अब भारत सरकार, सिस्टम की जिम्मेदारी है कि दोनों आरोपी लड़कों को सजा दिलवाए। कमजोर धारा लगाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उन्हें चंडीगढ़ पुलिस और सिस्टम पर पूरा भरोसा है। इसका सुबूत यही है कि मेरी बेटी सुरक्षित है। यूटी पुलिस इतनी जल्दी नहीं पहुंचती तो मेरी बेटी के साथ कुछ भी हो सकता था।
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मैं भी पिछले 30 सालों से नौकरी कर रहा हूं। मुझे नहीं लगता कि ऐसे मामलों में कोई भी सिस्टम कार्रवाई को गलत रास्ते में लेकर जाएगी। सिस्टम काम कर रहा है और उसको मालूम है कि मामले में क्या कार्रवाई करनी है। जबकि, कमजोर धारा पर किए सवाल पर उन्होंने साफ जवाब दिया कि वह इस मामले में कोई भी राय नहीं देना चाहते।
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यह मामला उनकी बेटी से जुड़ा है। वह एक पिता और एक अधिकारी होने का पूरा कर्त्तव्य निभाएंगे। उनके साथ न सिर्फ अधिकारी हैं बल्कि कई राजनेताओं ने भी मेरी कार्रवाई का समर्थन किया है। जब उनसे पूछा गया कि उन पर किसी तरह का दबाव तो नहीं है तो उनका जवाब था कि मेरे ऊपर किसी का भी कोई दबाव नहीं है। हालांकि सुबह एक जानकार ने मुझे सलाह दी कि इस मामले को रफा-दफा कर दो। जिस पर मैंने पर उन्हें जमकर लताड़ा।
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मैंने उनसे कहा कि मामला मेरी बेटी से जुड़ा है इसलिए मैं किसी भी हालत में पीछे नहीं जाऊंगा। मैं अपने तौर पर इस लड़ाई को अंत तक लड़ता रहूंगा। अब भारत सरकार, सिस्टम की जिम्मेदारी है कि दोनों आरोपी लड़कों को सजा दिलवाए। कमजोर धारा लगाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उन्हें चंडीगढ़ पुलिस और सिस्टम पर पूरा भरोसा है। इसका सुबूत यही है कि मेरी बेटी सुरक्षित है। यूटी पुलिस इतनी जल्दी नहीं पहुंचती तो मेरी बेटी के साथ कुछ भी हो सकता था।
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मैं भी पिछले 30 सालों से नौकरी कर रहा हूं। मुझे नहीं लगता कि ऐसे मामलों में कोई भी सिस्टम कार्रवाई को गलत रास्ते में लेकर जाएगी। सिस्टम काम कर रहा है और उसको मालूम है कि मामले में क्या कार्रवाई करनी है। जबकि, कमजोर धारा पर किए सवाल पर उन्होंने साफ जवाब दिया कि वह इस मामले में कोई भी राय नहीं देना चाहते।