फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Crime ›   research student bullet shot on the Bike

बाइक अंदर कर रहा था शोध छात्र, कनपटी पर आकर लगी गोली, अदावत नहीं कौन बना दुश्मन?

Tue, 10 Oct 2017 11:21 AM IST
amarujala.com- presented by: राजेश सैनी
amarujala.com- presented by: राजेश सैनी Updated Tue, 10 Oct 2017 11:21 AM IST
विज्ञापन
research student bullet shot on the Bike
demo pic
इलाहाबाद के म्योराबाद में रविवार रात स्टेनली रोड के निकट लॉज के गेट पर विश्वविद्यालय के शोध छात्र उपेंद्र यादव (30) को गोली मार दी गई। वह बाइक अंदर कर रहा था, तभी फायर कर हमलावर भाग गए। दूसरे छात्रों ने पुलिस को खबर देकर उपेंद्र को अस्पताल पहुंचाया। हालत बेहद नाजुक देख उसे रात में ही लखनऊ स्थित केजीएमयू ले जाया गया। शोध छात्र को गोली किसने और क्यों मारी, फिलहाल यह रहस्य बना है। पुलिस को उसके होश में आने का इंतजार है।
विज्ञापन


मूल रूप से गाजीपुर जनपद में जमनियां के बूढ़ाडीह गांव निवासी उपेंद्र यादव मौजूदा समय में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग का शोध छात्र है। पहले वह ताराचंद हॉस्टल में रहता था। कुछ महीने पहले हॉस्टल वाशआउट के बाद वह साथी सतीश विश्वकर्मा के साथ म्योराबाद में मोहक हॉस्पिटल के पीछे लॉज में रहने लगा। रविवार आधी रात वह बाहर खड़़ी अपनी बाइक लॉज के भीतर करने गया। तभी फायरिंग की आवाज सुनकर साथी सतीश समेत लॉज में रहने वाले दूसरे छात्र बाहर भागे। गेट के सामने बाइक एक तरफ गिरी थी और उपेंद्र दूसरी तरफ पड़ा था। उसके दाहिने कान के नीचे कनपटी से खून बह रहा था। 
विज्ञापन


फौरन इस बारे में पुलिस को खबर देकर उपेंद्र को निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से एसआरएन अस्पताल ले जाकर भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उपेंद्र की कनपटी में गोली फंसी है। उसकी हालत बेहद गंभीर थी। खबर पाकर इविवि छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष रोहित मिश्रा समेत बड़ी संख्या में साथी छात्र अस्पताल आ गए। कैंट पुलिस भी पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद रात में ही उपेंद्र को बेहतर इलाज के लिए एंबुलेंस में केजीएमयू लखनऊ ले जाया गया। घटना की जानकारी पाकर गाजीपुर से उसके बड़े भाई अखिलेश यादव, जीजा, मामा समेत कई रिश्तेदार भी पहुंच गए। उसके  माता-पिता का देहांत हो चुका है। केजीएमयू में जुटे साथियों ने रक्तदान के जरिए चार यूनिट खून का भी इंतजाम किया। सोमवार शाम डॉक्टरों ने करीब चार घंटे तक ऑपरेशन कर गोली निकाल दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


किसी से अदावत नहीं तो कौन बना दुश्मन? 
उपेंद्र के साथियों और करीबियों का कहना है कि उसकी किसी से रंजिश नहीं है। सवाल यह है कि अगर किसी से उसकी कहासुनी तक नहीं हुई तो दुश्मन कौन हो सकता है। उपेंद्र को कई साल से जानने वाले भूगोल विभाग के शोधार्थी प्रदीप उपाध्याय का भी कहना है कि उसने कभी जिक्र भी नहीं किया कि किसी से उसे खतरा है। ऐसे में पुलिस के सामने हमलावर के बारे में पता लगाने की चुनौती है। थाना प्रभारी कैंट आरके रावत ने बताया कि उपेंद्र के साथी सतीश विश्वकर्मा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर लिखी गई है। फिलहाल, हमलावर के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है। गहराई से छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed