{"_id":"599c6bb24f1c1b91778b4597","slug":"acid-attack-on-two-sisters-in-bareilly","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घर में सो रही दो बहनों पर फेंका तेजाब, दरिंदगों ने इसलिए किया ये घिनौना काम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घर में सो रही दो बहनों पर फेंका तेजाब, दरिंदगों ने इसलिए किया ये घिनौना काम
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
Updated Tue, 22 Aug 2017 11:08 PM IST
विज्ञापन
एसिड अटैक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली में हाल ही में देवरनिया जागीर गांव में दो सगी बहनों को पेट्रोल डालकर जलाने की जघन्य वारदात हुई थी जिसमें दोनों की मौत हो गई थी। अब नवाबगंज के टांडा सादात गांव में एसिड अटैक की बड़ी वारदात हो गई। आंगन में मच्छरदानी लगाकर सो रहीं दो सगी बहनों पर किसी ने तेजाब डाला तो चीखती बहनों को बचाने में दो भाई भी झुलस गए।
गृहस्वामी ने भागते हमलावरों को पहचानने का दावा करते हुए पड़ोस के चार लोगों पर रिपोर्ट कराई है। तर्क है कि गांव के यह दबंग अक्सर उससे रंगदारी वसूलते थे जिसे न देने की वजह से रंजिश मानने लगे। एसएसपी समेत दूसरे अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। नामजदों में से तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया, जबकि दोनों पक्ष के कई लोगों से पूछताछ जारी है।
मोहम्मद नवी सरसों की पिराई कराकर गांव-गांव उसका तेल बेचने का काम करते हैं। पत्नी वहीदन और सात बच्चों के साथ वह गांव में एक छोर पर बने मकान में रहते हैं। सोमवार रात पूरा परिवार सो रहा था। नवी के मुताबिक उसकी दोनों बेटियां मच्छरदानी में सो रहीं थीं। नवी ने बताया कि रात ढाई बजे दोनों बेटियों की चीखपुकार से उनकी आंख खुली। वह बाहर भागे तो देखा कि रवीना और शबीना के चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से पर तेजाब पड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
गृहस्वामी ने भागते हमलावरों को पहचानने का दावा करते हुए पड़ोस के चार लोगों पर रिपोर्ट कराई है। तर्क है कि गांव के यह दबंग अक्सर उससे रंगदारी वसूलते थे जिसे न देने की वजह से रंजिश मानने लगे। एसएसपी समेत दूसरे अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। नामजदों में से तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया, जबकि दोनों पक्ष के कई लोगों से पूछताछ जारी है।
विज्ञापन
मोहम्मद नवी सरसों की पिराई कराकर गांव-गांव उसका तेल बेचने का काम करते हैं। पत्नी वहीदन और सात बच्चों के साथ वह गांव में एक छोर पर बने मकान में रहते हैं। सोमवार रात पूरा परिवार सो रहा था। नवी के मुताबिक उसकी दोनों बेटियां मच्छरदानी में सो रहीं थीं। नवी ने बताया कि रात ढाई बजे दोनों बेटियों की चीखपुकार से उनकी आंख खुली। वह बाहर भागे तो देखा कि रवीना और शबीना के चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से पर तेजाब पड़ा था।
विज्ञापन
एसिड अटैक
- फोटो : अमर उजाला
भाई अब्दुल हसन और याकूब उन्हें संभालने की कोशिश में झुलस गए। नवी ने यह भी देखा कि कुछ लोग उनके भाई के घर की तरफ वाली दीवार कूदकर भाग रहे थे। उन्होंने बल्ब जलाया तो भागते हुए लोगों के चेहरे भी उन्हें दिख गए। आरोप लगाया कि इनमें पड़ोसी भूरा पुत्र अली अहमद, भूरा का भाई अशफाक, बेटा आसिफ और पड़ोस में ही रहने वाला साला इसरार शामिल थे।
नवी के मुताबिक उन्होंने शोर मचाया तो गांव के तमाम लोग और प्रधान रफीक आदि आ गए। काफी देर बाद यूपी 100 पुलिस का फोन रिसीव हुआ। तब पुलिस के साथ 108 एंबुलेंस भी आई और वह झुलसे हुए चारों बच्चों को सीएचसी नवाबगंज लाए। वहां से इन्हें जिला अस्पताल लाया गया। हम्मद नवी के घर से तेजाब की तीन खाली बोतलें भी मिलीं हैं। घरवालों के मुताबिक यह शौचालय साफ करने को लाई गई थीं।
नवी के मुताबिक उन्होंने शोर मचाया तो गांव के तमाम लोग और प्रधान रफीक आदि आ गए। काफी देर बाद यूपी 100 पुलिस का फोन रिसीव हुआ। तब पुलिस के साथ 108 एंबुलेंस भी आई और वह झुलसे हुए चारों बच्चों को सीएचसी नवाबगंज लाए। वहां से इन्हें जिला अस्पताल लाया गया। हम्मद नवी के घर से तेजाब की तीन खाली बोतलें भी मिलीं हैं। घरवालों के मुताबिक यह शौचालय साफ करने को लाई गई थीं।