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नर्सों की सूझबूझ से 30 नवजातों की बची जान, अस्पताल में लगी आग से मची अफरा-तफरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश
Updated Fri, 13 Jul 2018 09:25 AM IST
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मध्य प्रदेश में छतरपुर के जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में चाइल्ड वार्ड के एसी में अचानक शॉर्टशर्किट होने से आग लग गई। आग लगने के बाद से ही पूरे वार्ड में आग और धुंआ तेजी से फैल गया जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय एसएनसीयू वार्ड में लगभग 30 बच्चे भर्ती थे। धुएं और एसी की गैस के संपर्क में आने से 2 बच्चों की हालत बिगड़ गई जिन्हें डॉ. पियूष बजाज के निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। मौके पर मौजूद नर्सों ने सूझबूझ के साथ लगभग दो दर्जन नवजात बच्चों की जान बचाई। घटना के दौरान सिविल सर्जन और मरीजों के परिजनों के बीच झड़प भी हुई। बाद में कलेक्टर रमेश भंडारी, एसपी विनीत खन्ना ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
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बताया जा रहा है कि घटना के समय एसएनसीयू वार्ड में 30 नवजात शिशु भर्ती थे। आग लगने से एयरकंडीशनर से निकलते धुएं को देख ड्यूटी पर तैनात डाक्टर ने तुरंत मेन स्विच बंद करके बिजली सप्लाई को बंद कर दिया। आसपास के वार्डों का पूरा स्टाप दौड़ा और आनन-फानन में वार्ड के मुख्य गेट, आपात कालीन गेट से दो मिनट में एसएनसीयू कक्ष से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एसएनसीयू वार्ड से निकालने के बाद सभी बच्चों को इंमरजेंसी चेंबर में रखा गया है। मरीजों के परिजनों की मदद से फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले ही कर्मचारियों ने आग पर भी काबू पा लिया था। जिला अस्पताल में मरीजों के परिजनों का कहना है कि जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में लंबे समय से लापरवाही बरती जा रही है। परिजनों ने बताया कि 20 दिन पहले भी एसएनसीयू के एसी में फाल्ट हो गया था लेकिन उसे कामचलाउ ठीक करा दिया गया था।
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