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समय से पहले खत्म हुई शिवराज चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा, कमलनाथ ने उड़ाई खिल्ली

Fri, 26 Oct 2018 06:33 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 26 Oct 2018 06:33 PM IST
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Assembly election 2018: Shivraj singh Chauhan Jan Aashirvaad yatra ends in middle
शिवराज सिंह चौहान
मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा बीच में ही खत्म हो गई है। इस यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री का लक्ष्य सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करने का था। सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने जनता का आशीर्वाद लेने और सत्ता में चौथी बार भाजपा की वापसी करने के लिए प्रदेश भर में जन आशीर्वाद यात्रा निकाली थी, मगर इसका अंत जबलपुर में ही हो गया।
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यह यात्रा सभी 230 से होकर गुजरनी थी, जहां यात्रा मार्ग में 475 जगहों पर संबोधन का कार्यक्रम निर्धारित था। जन आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत 14 जुलाई को उज्जैन से हुई थी। इसके लिए एक बस को रथ का रूप दिया था। बताया जा रहा है कि इस यात्रा ने केवल 187 क्षेत्रों का ही दौरा किया। शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने ट्वीट करके इस यात्रा के पूरा न होने को लेकर भाजपा पर चुटकी ली। 
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भाजपा ने दी सफाई 

वहीं, भाजपा  प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि जन आशीर्वाद यात्रा का अंत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के दिन 25 सितम्बर को होना था। इसे बढ़ाया गया था मगर समाप्ति की कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई थी। अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी बैठकों में हिस्सा लिया, प्रचार में भी हिस्सा लिया और प्रत्याशियों के साथ नामांकन भी मौजूद रहे। 
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कमलनाथ ने ली चुटकी

कांग्रेस नेता कमलनाथ ने हमला बोलते हुए यात्रा की समाप्ति पर चुटकी ली कि यह यात्रा जनतारहित और सरकारी पैसे देकर बुलाये गए लोगों की रही है। इसने लोगों के आक्रोश को भी झेला है।



गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी यात्रा की थी, तब इसका समापन 25 सितम्बर को हुआ था। दिलचस्प बात ये है कि उस वक्त भी इसने सभी क्षेत्रों का भ्रमण नहीं किया था।

पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले ही एंटी इंकम्बेंसी की वजह से 70 से 80 विधायकों के टिकट काटने की बात कह रहे हैं। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री काफिले को कुछ जगहों पर पत्थरबाजी का सामना भी करना पड़ा। सिद्धि जिले में जूता फेंकने और काला कपड़ा दिखाने की भी घटनाएं हुईं। इसके अलावा कई क्षेत्रों में लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपने मौजूदा विधायक से असंतोष जताया।  



 
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