{"_id":"647f1f26fe227c102c0d68a1","slug":"youth-crippled-by-wrong-injection-of-compounder-in-rajgarh-2023-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajgarh: कंपाउंडर के गलत इंजेक्शन से अपंग हुआ युवक, सात लाख खर्च के बाद भी कोहनी तक सड़ गया हाथ, अंगूठा भी कटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajgarh: कंपाउंडर के गलत इंजेक्शन से अपंग हुआ युवक, सात लाख खर्च के बाद भी कोहनी तक सड़ गया हाथ, अंगूठा भी कटा
Tue, 06 Jun 2023 05:27 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 06 Jun 2023 05:27 PM IST
सार
राजगढ़ जिले के रामनारायण को 70 रुपये में कंपाउंडर से इंजेक्शन लगवाना इतना भारी पड़ गया कि वह एक हाथ से अपंग हो गया है। 7 लाख रुपये में पांच सर्जरी के बाद भी डॉक्टर नहीं बचा पाए हाथ, अंगूठा भी कट गया।
विज्ञापन
पीड़ित युवक।
- फोटो : Amar Ujala Digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में बरती जाने वाली लापरवाही थोड़े से लाभ के लिए किसी का भी जीवन बर्बाद कर सकती है। ऐसा ही कुछ हुआ है राजगढ़ जिले की ज़ीरापुर तहसील के देवीगढ़ गांव के रामनारायण के साथ। रामनारायण को 70 रुपये में कंपाउंडर से इंजेक्शन लगवाना इतना भारी पड़ गया कि वह एक हाथ से अपंग हो गया है। उसने अपने इलाज में लगभग 6 से 7 लाख रुपये पानी की तराह बहा दिए, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, बल्कि उसके सड़े हुए अंगूठे को शरीर से अलग करना पड़ा।
विज्ञापन
पीड़ित युवक रामनारायण ने बताया कि फरवरी माह में बुखार आने के चलते वह पीपल्याकुलमी के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में पदस्थ स्वास्थ्यकर्मी एचएस कॉन्द्रा के निवास पर पहुंचा। वहां उसे उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद से ही पीड़ित युवक के हाथ की स्थिति बिगड़ती चली गई। वर्तमान में चिकित्सकों को उसके हाथ का अंगूठा काट कर अलग करना पड़ा और कोहनी तक उसका हाथ बेकार हो चुका है, जिसके इलाज में युवक लगभग 6 से 7 लाख रुपये खर्च कर चुका है।
विज्ञापन
पीड़ित ने बताया कि कई बार की शिकायत, नहीं हो रही सुनवाई
पीड़ित ने बताया कि वह पिछले कई दिन से शिकायत कर रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। हर बार उसे चलता कर दिया जाता है। मंगलवार को पीड़ित ने जिला स्तरीय जनसुवाई में उक्त लापरवाही की लगभग तीसरी बार शिकायत राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित से की है। पीड़ित ने शिकायती आवेदन में कहा है कि उक्त लापरवाही की वजह से उसका इंदौर के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। इलाज में 6 से 7 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और उसके हाथ की पांच सर्जरी हो चुकी हैं, जिसमें उसके हाथ का अंगूठा भी निकाला गया है। तीन सर्जरी होना और बाकी है, जिसमें लगभग पांच लाख रुपये का खर्च और आएगा। मैंने पूर्व में भी उधार लेकर अपना इलाज़ कराया है। घटना के बाद से मेरा परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित हुआ है, संबंधित कंपाउंडर के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर मुझे न्याय प्रदान कराने की कृपा करें।
विज्ञापन
जांच में स्वास्थ्यकर्मी दोषी
वहीं, उक्त लापरवाही के मामले को लेकर जिला अस्पताल के सीएमएचओ डॉ. दीपक पिप्पल से बात की गई। उन्होंने कहा कि मामले की जांच करवाई गई है। जांच में संबंधित स्वास्थ्यकर्मी दोषी पाए गए हैं, हम नोटिस बनाकर कलेक्टर को भेज चुके हैं। आगामी कार्रवाई वहीं से की जाएगी।
