..और जब दूल्हे को दुल्हन लाने के लिए पहनना पड़ा हेलमेट
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यूं तो दूल्हा अपनी दुल्हन को लेने के लिए पगड़ी पहनकर घोड़ी पर सवार होकर जाता है। लेकिन जब बारात में दूल्हा घोड़ी पर हेलमेट लगाकर जा रहा हो तो यह नजारा देख कर कोई भी सोचने पर मजबूर हो जाएगा।
ये वाकया है मध्यप्रदेश के रतलाम का, जहां एक दलित समुदाय के युवक को हेलमेट लगाकर जाना पड़ा। वो भी इसलिए कि बारात में घोड़ी पर सवार दूल्हा दलित समुदाय से ताल्लुक रखता है। घटना रविवार की है।
दूल्हे का घोड़ी पर जाने का विरोध
दरअसल मध्यप्रदेश रतलाम जिले के ताल तहसील के नेगरून गांव में एक बारात पर लोगों ने जमकर पत्थर बरसाए जिस कारण बारात को रोकना पड़ा।
बताया गया कि बारात में घोड़ी पर सवार दलित दूल्हे को देखकर अगड़ी जाति के लोगों को यह हजमत नहीं हुआ, और आस-पास के लोगों ने बारात पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। हंगामा इतना बढ़ गया कि बाद में पुलिस फोर्स को मौके पर पहुंच स्थिति को संभालना पड़ा।
पगड़ी पहन कर बारात ले जाने पर मनाही
जानकारी के मुताबिक रतलाम जिले के ताल तहसील के नेगरून गांव में पूरालाल पड़ियार की बेटी आशा की शादी बेरछा गांव के पवन मालवीय से होने जा रही थी। दूल्हा पवन की बारात जब दूल्हन के घर के पास एक पंचायत चौराहे पर पहुंची तो लोगों ने दूल्हे समेत बारात पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
बताया गया कि कुछ बारातियों ने भी लोगों के घरों पर पत्थरबाजी की, जिससे माहौल और गरमा गया। बाद में पुलिस व तहसील प्रशासन की टीम ने स्थिति को संभाला। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने दूल्हे पवन को हेलमेट पहनाया। बाद में पुलिस सुरक्षा के बीच हेलमेट पहनकर बारात दूल्हन के घर तक पहुंची।
बताया गया कि गांव में दलित लोगों के घोड़ी पर सवार होकर पगड़ी पहन कर बारात ले जाने पर मनाही है, और अगड़ी जाति के लोग इसका विरोध करते आ रहे हैं। इस संबध में दुल्हन के परिजनों ने पुलिस में पहले ही शिकायत की थी, और पुलिस सुरक्षा की मांग की गई थी।
