शिव'राज' में 5 बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा, कांग्रेस के सवाल पर सीएम ने साधी चुप्पी
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मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के द्वारा 5 संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दिये जाने के बाद सियासी बयानबाजी जारी है। हालांकि राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा ने इस कदम की सराहना की है। उन्होंने बुधवार को कहा कि मैं 'साधु' समुदाय की ओर से हमारे ऊपर भरोसा दिखाने के लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं, हम समाज के कल्याण के लिए काम करने की पूरी कोशिश करेंगे।
वहीं, 5 बाबाओं को राज्यमंत्री बनाने जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुप्पी साध रखी है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार (3 अप्रैल) को पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया। राज्य मंत्री का दर्जा पाए संतों में नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, कम्प्यूटर बाबा, भय्यू महाराज एवं पंडित योगेंद्र महंत शामिल हैं।
We thank the govt on behalf of the 'sadhu' community for showing trust in us, we will try our best to work for welfare of the society: Computer Baba, on being granted Minister of State rank by #MadhyaPradesh govt. pic.twitter.com/wfKXmaroGL
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 4, 2018
मालूम हो कि शिवराज सरकार ने मंगलवार को नर्मदा नदी को स्वच्छ, जल संरक्षण और नदी के किनारे पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष समिति बनाई है।अधिकारियों ने एक प्रेस रिलीज जारी कर इस बात की जानकारी दी थी।
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने सरकार के इस कदम को चुनावी साल में संतों को लुभाने वाला बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इस वक्त प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से खराब हालत में है, किसानों की हालत खस्ता है, उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन मुद्दों को छोड़ सरकार असल मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है।
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में इस साल के आखिर तक विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में शिवराज सरकार राज्यवासियों को सौगात देने की कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अध्यापकों, पंचायत सचिवों, किसानों और सरकारी कर्मचारियों को सौगात देने के बाद अब 5 संतों को राज्य मंत्री पद के स्तर का दर्जा दिया है।
