व्यापम घोटाला: शिवराज के बचाव में उतरे 6 बड़े नेता
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व्यापम घोटाले और इससे जुड़ीं मौतों की जांच के लिए भोपाल पहुंची सीबीआई टीम को अपना काम शुरू किए अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी लड़ाई तेज हो गई।
इसकी शुरुआत भाजपा की ओर से हुई और उसने सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बचाव में मोर्चा खोल दिया। इस काम में छह बड़े नेताओं को लगाया गया है, जिनमें से दो केंद्रीय मंत्री भी हैं।
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प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों पर इन नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री चौहान पूरी तरह पाक साफ हैं। साथ ही उनकी पहल पर ही मामले की गहराई से जांच हुई। सागर जिले में प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री को क्लीन चिट दे दी है।
कांग्रेस ने कहा, सीबीआई पर दबाव बनाने की कोशिश
इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि यह सीबीआई पर दबाव बनाने की कोशिश है। केंद्रीय इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भोपाल में थे, तो पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इंदौर में, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने ग्वालियर एवं श्याम जाजू ने उज्जैन और सूबे के खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में मीडिया से मुखातिब हुए।
सागर में तोमर ने कहा कि सरकार ने मामले की गहराई से जांच कराई, जिसके चलते बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं। उन्हें इस पर गर्व है कि मुख्यमंत्री ने ही मामले में सबसे पहले कार्रवाई की, लेकिन कांग्रेस ने गलत जानकारी देकर सिर्फ सबको गुमराह करने का काम किया। इससे देश भर में मध्य प्रदेश की छवि खराब हुई है।
सीबीआई को संदिग्धों की सूची सौंपी
एसटीएफ के एडीजी सुधीर साही और सीबीआई के संयुक्त निदेशक आरपी अग्रवाल के बीच देर रात तक बैठक चली। इस दौरान एसटीएफ की तरफ से की गई जांच का पूरा ब्यौरा सीबीआई को दिया गया। इसके साथ ही ग्वालियर एसआईटी के प्रमुख वीरेंद्र जैन भी मंगलवार को अपनी टीम के साथ भोपाल पहुंच गए।
उन्होंने ग्वालियर अंचल की जानकारी दी। सबसे ज्यादा चार सौ गिरफ्तारियां इसी इलाके से हुई हैं और व्यापम घोटाले के प्रकरणों की सुनवाई के लिए सर्वाधिक चार अदालतें भी ग्वालियर में ही हैं।
सूत्रों ने बताया कि पिछले दो दिनों के भीतर सीबीआई और एसटीएफ के अफसरों के बीच लंबी बैठकों के दौर चले हैं। सबसे पहले उन 55 केस की जानकारी सीबीआई को दी गई है, जो एसटीएफ ने दर्ज किए हैं।
इसके अलावा ऐसे संदिग्ध नामों की सूची भी सीबीआई के हवाले की गई है, जो एसटीएफ के राडार पर तो थे लेकिन वह कोई कार्रवाई नहीं कर पाई थी। इनमें कौन लोग हैं, इसको लेकर कयास बाजी शुरू हो गई है।
