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मध्य प्रदेश में गांवों के पुनर्वास की योजना
भोपाल/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 27 Nov 2012 05:56 PM IST
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मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य में स्थित गांवों का पुनर्वास किये जाने की योजना बनाई गई है। ऐसे 103 गांव हैं और इनके पुनर्वास पर तीन हजार करोड़ रूपये से भी अधिक का खर्च होगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय वन्यप्राणी बोर्ड की बैठक में दी गई।
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बैठ में मुख्यमंत्री ने वन्यजीवों के संरक्षण और वन क्षेत्र से जुड़े गांवों में विकास के बीच संतुलित दृष्टिकोण अपनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वहां रहने वाले लोगों की समस्याओं का पूर्ण निदान करने के प्रयास किये जाएं। बैठक में वनाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में स्थित सभी छह टाइगर रिजर्व के बफर जोन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास से गुजरने वाली विद्युत लाइनों का रख-रखाव किया जा रहा है।
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इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि पुनर्वास के लिए जितनी राशि की जरूरत है, वह राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से मिलेगी। इसके लिए बोर्ड ने निर्णय किया कि पुनर्वास के लिए राशि आने तक केंपा फंड से राशि का उपयोग किया जाए।
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