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लापरवाहियों का अस्पताल: जयारोग्य हॉस्पिटल में जिंदा मरीज को मृत बता हटाया वेंटिलेटर, 5 दिन में दूसरी बार बड़ी चूक

Wed, 02 Mar 2022 11:52 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 02 Mar 2022 11:52 AM IST
सार

ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में 5 दिन में दूसरी बार बड़ी लापरवाही सामने आई है। आईसीयू में भर्ती ब्रेन हेमरेज के एक जिंदा मरीज को वॉर्ड बॉय ने मृत बताकर वेंटिलेटर से हटा दिया। परिजनों के हंगामे के बाद उसे दोबारा सपोर्ट सिस्टम में रखा गया।
 

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Ventilator removed in Gwalior's Jayarogya Hospital telling the patient to be dead, second big mistake in 5 days
जयारोग्य अस्पताल, ग्वालियर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्वालियर जिले के जयारोग्य अस्पताल में एक सप्ताह में दूसरी बार डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल के न्यूरो सर्जरी वॉर्ड के आईसीयू में भर्ती एक जिंदा मरीज को मृत मानकर वेंटिलेटर हटाने का मामला सामने आया है।  
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जानकारी के अनुसार ब्रेन हेमरेज के मरीज शिव कुमार उपाध्याय जयरोग्य अस्पताल के सर्जरी वॉर्ड के आईसीयू में भर्ती थे। उन्हें मृत बताकर वार्ड बॉय ने रात में ऑक्सीजन और बिल्टी लीटर को हटा दिया और मरीज को मृत घोषित कर दिया, जब इस बात की जानकारी परिजनों को लगी तो वे मरीज के पास पहुंचे और हंगामा किया। हंगामे को देखकर न्यूरो सर्जन मौके पर पहुंचे तो देखा कि मरीज की सांसे चल रही थी। इसके बाद डॉक्टरों ने मरीज को दोबारा से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा। परिजनों का आरोप है कि लगभग 15 मिनट तक मरीज बिना ऑक्सीजन और वेंटीलेटर के रहा। वहीं इस मामले पर हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, इसकी जांच की जा रही है। 
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Ventilator removed in Gwalior's Jayarogya Hospital telling the patient to be dead, second big mistake in 5 days
जयारोग्य अस्पताल में भर्ती मरीज, जिसे मृत मानकर वेंटिलेटर से हटा दिया था - फोटो : अमर उजाला

बता दें एक ही सप्ताह के भीतर चंबल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल में इस तरह की लापरवाही दोबारा सामने आई है। बीते शुक्रवार को भी जयारोग्य अस्पताल में इसी तरह का मामला सामने आया था। अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती एक जिंदा मरीज को मृत बताकर उसे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया था, जब परिजनों ने देखा कि मरीज की सांसे चल रही हैं तो उन्होंने हंगामा किया और उसके बाद मरीज को दोबारा भर्ती किया गया था। जयारोग्य अस्पताल में प्रदेश के साथ ही पड़ोसी राज्यों के मरीज भी इलाज कराने के लिए आते हैं। अस्पताल प्रबंधन के द्वारा की जाने वाली लापरवाहियों का खामियाजा मरीजों के भुगतना पड़ता है। 
 
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