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कांग्रेस में घमासान: कमलनाथ ने कहा- जी23 के नेताओं की डिमांड पूरी, तीन महीनों में हो जाएंगे अध्यक्ष पद के चुनाव
Thu, 31 Mar 2022 04:02 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 31 Mar 2022 04:02 PM IST
सार
वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने दावा किया कि कांग्रेस में तीन महीने के भीतर चुनाव हो जाएंगे। नया अध्यक्ष भी सामने आ जाएगा। यह डिमांड करने वाले जी23 की सभी डिमांड्स पूरी हो गई हैं।
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Kamal Nath
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस नेतृत्व पर उठ रहे सवालों पर पार्टी गंभीरता से ले रही है। तीन महीने में पार्टी के संगठन चुनाव हो जाएंगे। नया अध्यक्ष भी सामने आ जाएगा। आप बड़ा बदलाव देखेंगे। यह दावा वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने किया है।
अपने घर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा जी23 मेरे से बहुत नजदीकी हैं। मेरे कई साल से साथी रहे हैं। उनकी ऐसी कोई डिमांड नहीं थी, जो पूरी नहीं हो सकती। उनकी जो डिमांड थी, सभी स्वीकार कर ली गई। चुनाव कराने की डिमांड थी, चुनाव हो रहे हैं। मेंबरशिप सही किए बिना चुनाव नहीं हो सकते। तीन महीने में चुनाव हो जाएंगे। इसमें सब बात सामने आ जाएगी। यह दिल्ली, भोपाल, बेंगलुरू, मुंबई में बैठकर देश की बात करने वाले लोग गांव और कस्बों को नहीं समझते। हमें इस पर सोचना पड़ेगा।
क्या है कांग्रेस का G23
कांग्रेस के 23 नेताओं ने नेतृत्व के प्रति असंतोष व्यक्त किया है। पार्टी में संगठन स्तर पर बदलाव की मांग की है। इन 23 नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इन नेताओं को ही ग्रुप 23 या G23 कहा जा रहा है। विधानसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में हुए फैसलों से भी G23 खेमा असंतुष्ट ही रहा था। नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुलाम नबी आजाद ने भी सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। कुछ मुद्दे सुलझा लिए गए थे। कपिल सिब्बल भी राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं।
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G23 को संतुष्ट करने सक्रिय हुईं सोनिया गांधी
पिछले हफ्ते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आनंद शर्मा, विवेक तनखा और मनीष तिवारी से लंबी चर्चा की थी। सोनिया की कोशिश G23 नेताओं के उठाए मुद्दों का समाधान देना और पार्टी में एकजुटता स्थापित करना है। सोनिया गांधी को यह संदेश भेजा गया है कि पार्टी के फैसले लेने के लिए चुनिंदा लोगों पर भरोसा करने के बजाय सामूहिक फैसला लेने के मॉडल को बनाना होगा। सोनिया ने भी पद्म भूषण प्राप्त करने पर आजाद से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी थी। बताया जाता है कि बड़े फेरबदल अगस्त-सितंबर में होने वाले चनावों के बाद ही होंगे। तब तक थोड़े-बहुत बदलाव किए जा सकते हैं।
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अपने घर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा जी23 मेरे से बहुत नजदीकी हैं। मेरे कई साल से साथी रहे हैं। उनकी ऐसी कोई डिमांड नहीं थी, जो पूरी नहीं हो सकती। उनकी जो डिमांड थी, सभी स्वीकार कर ली गई। चुनाव कराने की डिमांड थी, चुनाव हो रहे हैं। मेंबरशिप सही किए बिना चुनाव नहीं हो सकते। तीन महीने में चुनाव हो जाएंगे। इसमें सब बात सामने आ जाएगी। यह दिल्ली, भोपाल, बेंगलुरू, मुंबई में बैठकर देश की बात करने वाले लोग गांव और कस्बों को नहीं समझते। हमें इस पर सोचना पड़ेगा।
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क्या है कांग्रेस का G23
कांग्रेस के 23 नेताओं ने नेतृत्व के प्रति असंतोष व्यक्त किया है। पार्टी में संगठन स्तर पर बदलाव की मांग की है। इन 23 नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इन नेताओं को ही ग्रुप 23 या G23 कहा जा रहा है। विधानसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में हुए फैसलों से भी G23 खेमा असंतुष्ट ही रहा था। नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुलाम नबी आजाद ने भी सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। कुछ मुद्दे सुलझा लिए गए थे। कपिल सिब्बल भी राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं।
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G23 को संतुष्ट करने सक्रिय हुईं सोनिया गांधी
पिछले हफ्ते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आनंद शर्मा, विवेक तनखा और मनीष तिवारी से लंबी चर्चा की थी। सोनिया की कोशिश G23 नेताओं के उठाए मुद्दों का समाधान देना और पार्टी में एकजुटता स्थापित करना है। सोनिया गांधी को यह संदेश भेजा गया है कि पार्टी के फैसले लेने के लिए चुनिंदा लोगों पर भरोसा करने के बजाय सामूहिक फैसला लेने के मॉडल को बनाना होगा। सोनिया ने भी पद्म भूषण प्राप्त करने पर आजाद से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी थी। बताया जाता है कि बड़े फेरबदल अगस्त-सितंबर में होने वाले चनावों के बाद ही होंगे। तब तक थोड़े-बहुत बदलाव किए जा सकते हैं।
