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Umaria News: जहां से हाथी पार करते थे नदी, उसी रास्ते में मिला हाथी के बच्चे का कंकाल, किया गया अंतिम संस्कार
Sat, 22 Feb 2025 09:01 AM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2025 09:01 AM IST
सार
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद हाथी के अवशेषों का अंतिम संस्कार किया गया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो वर्तमान में 60-65 से अधिक बताई जा रही है।
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हाथी के कंकाल का अंतिम संस्कार करते वनकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हाथी के बच्चे का कंकाल मिला। उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी के बच्चे का कंकाल मिला है, ये कंकाल सोन नदी के कक्ष क्रमांक 458 बीट सेहरा बी वन परिच्छेद पनपथा कोर एरिया के पास मिला। बताया जा रहा है कि जिस जगह ये कंकाल मिला है वो वन्य जीव हाथियों के नदी पार करने की जगह है। यहां से अक्सर ही हाथियों का झुंड नदी पार करता है। जिससे अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि नदी पार करने के दौरान हाथी का बच्चा दलदल में फंस गया होगा और सोन नदी में डूब गया होगा। इसके बाद मगरमच्छ जैसे जलीय जीव या दूसरे मांसाहारी जलीय जीव इसे खा लिए होंगे। दूसरे स्थलीय मांसाहारी जीव इसे सोन नदी की सतह पर खींच कर ले आए होंगे, इसके बाद इसका कंकाल मिला है।
हाथी कंकाल का ऐसे हुआ अंतिम संस्कार
हाथी के बच्चे का कंकाल मिलते ही तुरंत ही घटनास्थल को सुरक्षित किया गया और वहां पर उसके आसपास छानबीन की गई। पोस्टमार्टम किया गया और फिर उसके बाद वन्य जीव हाथी के बच्चे के कंकाल और बचे हुए अवशेष बरामद किए गए। पूरी प्रक्रिया के तहत हाथी के बच्चे का अंतिम संस्कार किया गया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया है कि हाथी के बच्चे का एक कंकाल मिला है और वो नदी हाथियों के पार करने की जगह है। संभावना है कि हाथी का बच्चा नदी में दलदल में फंस गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई होगी।
बांधवगढ़ में हाथियों की संख्या
वैसे तो बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की भरमार है और यहां अक्सर ही बाघों की दीदार बड़ी आसानी से हो जाते हैं। इसीलिए यहां पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से अब यहां हाथियों की अच्छी खासी संख्या हो चुकी है और लगातार ये संख्या बढ़ती ही जा रही है। अब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की पहचान हाथियों को लेकर भी होने लगी है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की संख्या इन दिनों लगातार बढ़ रही है, वर्तमान में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 60-65 से ज्यादा हाथियों की संख्या बताई जा रही है, जो अभी वर्तमान में मौजूद है, और अक्सर ही उनका मूवमेंट इधर-उधर होता रहता है।
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हाथी कंकाल का ऐसे हुआ अंतिम संस्कार
हाथी के बच्चे का कंकाल मिलते ही तुरंत ही घटनास्थल को सुरक्षित किया गया और वहां पर उसके आसपास छानबीन की गई। पोस्टमार्टम किया गया और फिर उसके बाद वन्य जीव हाथी के बच्चे के कंकाल और बचे हुए अवशेष बरामद किए गए। पूरी प्रक्रिया के तहत हाथी के बच्चे का अंतिम संस्कार किया गया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया है कि हाथी के बच्चे का एक कंकाल मिला है और वो नदी हाथियों के पार करने की जगह है। संभावना है कि हाथी का बच्चा नदी में दलदल में फंस गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई होगी।
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बांधवगढ़ में हाथियों की संख्या
वैसे तो बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की भरमार है और यहां अक्सर ही बाघों की दीदार बड़ी आसानी से हो जाते हैं। इसीलिए यहां पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से अब यहां हाथियों की अच्छी खासी संख्या हो चुकी है और लगातार ये संख्या बढ़ती ही जा रही है। अब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की पहचान हाथियों को लेकर भी होने लगी है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की संख्या इन दिनों लगातार बढ़ रही है, वर्तमान में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 60-65 से ज्यादा हाथियों की संख्या बताई जा रही है, जो अभी वर्तमान में मौजूद है, और अक्सर ही उनका मूवमेंट इधर-उधर होता रहता है।
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