फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Uma Bharti got clean chit in Vyapam scam as CBI did not found any evidence against her

व्यापम घोटाले में सीबीआई को नहीं मिला उमा भारती के खिलाफ सबूत, मिलेगी क्लीन चिट

Thu, 11 Jan 2018 08:21 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Thu, 11 Jan 2018 08:21 AM IST
विज्ञापन
Uma Bharti got clean chit in Vyapam scam as CBI did not found any evidence against her
उमा भारती

सीबीआई ने व्यापम घोटाले की जांच तीन साल पहले अपने हाथ में ली थी। अब उसे अपनी जांच में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि उनकी इस मामले में किसी भी तरह की भागीदारी रही थी।

विज्ञापन


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस मामले में जांचकर्ताओं की राय अलग है। मगर वरिष्ठों ने हस्तक्षेप किया और सभी के भ्रम को दूर कर दिया है। बता दें कि उमा भारती ही वह शख्स थी जिन्होंने साल 2014 में कहा था कि व्यापम घोटाला चारा घोटाले से बड़ा है।
विज्ञापन


इसके बाद उन्होंने ही इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के लिए दबाव बनाया था। उसी साल राज्य कांग्रेस ने उनपर इस घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन्होंने इस मामले में अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया था। भारती का कहना था कि विपक्ष के नेता इस घोटाले में शामिल है इसी वजह से वे लोगों को भटकाने का काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मध्यप्रदेश में मेडिकल दाखिला परीक्षा पीएमटी-2012 में हुए घोटाला मामले में सीबीआई ने 23 नवंबर को व्यापम के चार पूर्व अधिकारियों समेत 592 आरोपियों के खिलाफ स्पेशल जज डीपी मिश्रा की कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी।

कोर्ट में पेश की गई सीबीआई चार्जशीट में व्यापम के चार पूर्व अधिकारियों का नाम भी शामिल थे। आरोपियों की सूची में व्यापम के तत्कालीन निदेशक पंकज त्रिवेदी, तत्कालीन वरिष्ठ सिस्टम एनालिस्ट नितिन मोहिन्द्रा, तत्कालीन डिप्टी सिस्टम एनालिस्ट अजय कुमार सेन और तत्कालीन प्रोग्रामर सीके मिश्रा के नाम दर्ज थे।


पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने जेपी के प्रमोटरों और स्वतंत्र निदेशकों को चेताया, तिहाड़ ज्यादा दूर नहीं

हाईकोर्ट ने मामले में शुरुआती सुनवाई के दौरान तल्ख टिप्पणी में कहा था कि मेडिकल कॉलेज के संचालकों के कृत्यों और व्यापम जैसे बड़े घोटाले की वजह से हजारों योग्य छात्र मेडिकल सीटों पर दाखिले से वंचित हो गए और अयोग्य छात्र पैसे के बल पर सीट हासिल करने में कामयाब हो गए। कोर्ट ने कहा कि दाखिले की पूरी प्रक्रिया नियमों के खिलाफ थी, जिसके शिकार योग्य उम्मीदवार बने। यह बेहद चिंताजनक बात है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed