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सुप्रीम कोर्ट ने जेपी के प्रमोटरों और स्वतंत्र निदेशकों को चेताया, तिहाड़ ज्यादा दूर नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:14 AM IST
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Supreme Court
- फोटो : FILE PHOTO
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सुप्रीम कोर्ट ने जेपी एसोसिएट लिमिटेड को यह बताने के लिए कहा है कि देशभर में उसके कितने हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं? साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक बार दोहराया कि जेपी एसोसिएट लिमिटेड के पांच प्रमोटर और आठ स्वतंत्र निदेशकों को अपनी संपत्तियां नहीं बेचेंगे और फंड को इधर-उधर नहीं करेंगे। शीर्ष अदालत ने चेतावनी दी है कि अगर वे ऐसा करते हैं तो तिहाड़ अधिक दूर नहीं है।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि फ्लैट चाहने वालों को फ्लैट और रिफंड चाहने वाले को रिफंड मिलेगा। पीठ ने जेपी एसोसिएट को हलफनामा दायर कर यह बताने के लिए कहा है कि देश में उसकेकितने हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं। साथ ही पीठ ने न्याय मित्र(अमाइकस क्यूरी) को जेपी एसोसिएट लिमिटेड की हाउसिंग प्रोजेक्ट्स केनिवेशकों के लिए वेबपोर्टल बनाने के लिए कहा है। वेबपोर्टल पर खरीदार अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
पढ़ें- दो लाख वाले फ्लैट के लिए डिमांड सर्वे शुरू, अब केवल 30 तक कर सकते हैं आवेदन
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इसकेअलावा पीठ ने जेपी एसोसिएट के स्वतंत्र निदेशकों को पेशी से छूट दे दी है। उनकी उम्र को देखते हुए पीठ ने यह निर्णय लिया है। हालांकि पीठ ने कहा कि बिना अदालत की अनुमति से स्वतंत्र निदेशक विदेश नहीं जाएंगे। वहीं पीठ ने कहा कि आरबीआई की उस याचिका पर बाद में सुनवाई होगी जिसमें जेपी एसोसिएट लिमिटेड के खिलाफ दिवालियापन की कार्रवाई शुरू करने की गुहार की गई है।
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि फ्लैट चाहने वालों को फ्लैट और रिफंड चाहने वाले को रिफंड मिलेगा। पीठ ने जेपी एसोसिएट को हलफनामा दायर कर यह बताने के लिए कहा है कि देश में उसकेकितने हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं। साथ ही पीठ ने न्याय मित्र(अमाइकस क्यूरी) को जेपी एसोसिएट लिमिटेड की हाउसिंग प्रोजेक्ट्स केनिवेशकों के लिए वेबपोर्टल बनाने के लिए कहा है। वेबपोर्टल पर खरीदार अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
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इसकेअलावा पीठ ने जेपी एसोसिएट के स्वतंत्र निदेशकों को पेशी से छूट दे दी है। उनकी उम्र को देखते हुए पीठ ने यह निर्णय लिया है। हालांकि पीठ ने कहा कि बिना अदालत की अनुमति से स्वतंत्र निदेशक विदेश नहीं जाएंगे। वहीं पीठ ने कहा कि आरबीआई की उस याचिका पर बाद में सुनवाई होगी जिसमें जेपी एसोसिएट लिमिटेड के खिलाफ दिवालियापन की कार्रवाई शुरू करने की गुहार की गई है।
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सुनवाई केदौरान जेपी की ओर से पेश वकील ने बताया कि 25 जनवरी तक 125 करोड़ रुपये जमा कर दी जाएगी। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने फ्लैट खरीदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए 2000 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया है। हालांकि बाद में कोर्ट ने रकम को किश्तों में जमा कराने की इजाजत दे दी है। जेपी एसोसिएट अब तक करीब 400 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करा चुका है। जेपी की ओर से पेश वकील ने यह भी कहा कि महज आठ फीसदी निवेशक ही रिफंड चाहते हैं बाकी फ्लैट चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रोजेक्ट चालू हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी में करीब 15 हजार कर्मचारी हैं।
पिछली सुनवाई में पीठ ने जेपी एसोसिएट से कहा था कि आप फ्लैट खरीदारों की वजह से बुलंदियों पर पहुंचे हैं। बुलंदियों पर पहुंचने की आपकी यात्रा बेहद सुखद रही है लेकिन फ्लैट खरीदारों केहितों के लिए अब आपको नीचे आना पड़ेगा। आप अच्छे बच्चे की तरह लोगों को रकम वापस कर दें। पीठ ने यह भी कहा था कि फ्लैट खरीदार मध्यम वर्ग केलोग हैं और उन्होंने बैंकों से लोन रखा है। ऐसे में उनके हितों के बारे में सोचना जरूरी है।
पिछली सुनवाई में पीठ ने जेपी एसोसिएट से कहा था कि आप फ्लैट खरीदारों की वजह से बुलंदियों पर पहुंचे हैं। बुलंदियों पर पहुंचने की आपकी यात्रा बेहद सुखद रही है लेकिन फ्लैट खरीदारों केहितों के लिए अब आपको नीचे आना पड़ेगा। आप अच्छे बच्चे की तरह लोगों को रकम वापस कर दें। पीठ ने यह भी कहा था कि फ्लैट खरीदार मध्यम वर्ग केलोग हैं और उन्होंने बैंकों से लोन रखा है। ऐसे में उनके हितों के बारे में सोचना जरूरी है।