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MP News: सिंहस्थ मेला क्षेत्र में अतिक्रमण के मुद्दे पर VHP ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से जमीन बचाने की बात कही
Tue, 07 Mar 2023 01:00 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 07 Mar 2023 01:00 PM IST
सार
सिंहस्थ मेला क्षेत्र में जगह की कमी एक विकराल रूप धारण कर सकती है, सिंहस्थ 2028 में साधु-संतों के पड़ाव व धार्मिक प्रकल्प की व्यवस्था करने में अत्याधिक जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। अवैध निर्माण अतिक्रमण को रोकने की पहल जिला कलेक्टर को करना चाहिए।
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सिंहस्थ मेला क्षेत्र को बचाने विहिप ने खोला मोर्चा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उज्जैन के सिंहस्थ क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण को देखकर विश्व हिंदू परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम से मिलकर सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन को अतिक्रमणकर्ताओं से बचाने का निवेदन किया है। विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री महेश तिवारी व बजरंगदल जिला संयोजक अंकित चौबे ने बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ में करोड़ों आस्थावान मोक्षदायिनी क्षिप्रा में स्नान कर महाकाल का दर्शन पूजन करते हैं और साधु-संतों के पड़ाव पर पहुंच कर उनसे धर्म लाभ लेते हैं। इन पवित्र स्थानों पर अवैध निर्माण अतिक्रमण और कालोनियों की अधिकता से सिंहस्थ मेला क्षेत्र में जगह नहीं बची है। सिंहस्थ मेला क्षेत्र में जगह की कमी एक विकराल रूप धारण कर सकती है, सिंहस्थ 2028 में साधु-संतों के पड़ाव व धार्मिक प्रकल्प की व्यवस्था करने में अत्याधिक जमीन की आवश्यकता पड़ेगी, ऐसे में तत्काल अवैध निर्माण अतिक्रमण और कॉलोनी को बनने से रोकने की पहल जिला कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के माध्यम से जिला प्रशासन को करना चाहिए। यह मांग विश्व हिंदू परिषद द्वारा की जा रही है, जिस पर तत्काल निर्णय लेकर संगठन को अवगत कराएं।
12 वर्षों में एक बार लगता है सिंहस्थ महाकुंभ
12 वर्षों में एक बार अवंतिका नगरी में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन किया जाता है, जिसमें मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा में स्नान के लिए देश विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। 13 अखाड़ों से जुड़े साधु संतों के पड़ाव भी मेला क्षेत्र में लगते हैं। साधु संतों के लिए आरक्षित जमीन पर भू-माफियाओं ने अवैध कॉलोनियां काट दी हैं, अवैध निर्माण अतिक्रमण कर मेला क्षेत्र को संकुचित कर दिया गया है।
नए व पुराने दोनों शहर में सिंहस्थ भूमि पर हो रहे अतिक्रमण
मोक्षदयिनी मां शिप्रा के किनारे पर जहां पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए ,पेड़ पौधे रोपने चाहिए ,वहां पर बड़ी संख्या में पक्के निर्माण कर लिए गए हैं। नए शहर और पुराने शहर के सभी सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण व कॉलोनियों का जाल फैला दिया गया है।
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12 वर्षों में एक बार लगता है सिंहस्थ महाकुंभ
12 वर्षों में एक बार अवंतिका नगरी में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन किया जाता है, जिसमें मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा में स्नान के लिए देश विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। 13 अखाड़ों से जुड़े साधु संतों के पड़ाव भी मेला क्षेत्र में लगते हैं। साधु संतों के लिए आरक्षित जमीन पर भू-माफियाओं ने अवैध कॉलोनियां काट दी हैं, अवैध निर्माण अतिक्रमण कर मेला क्षेत्र को संकुचित कर दिया गया है।
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नए व पुराने दोनों शहर में सिंहस्थ भूमि पर हो रहे अतिक्रमण
मोक्षदयिनी मां शिप्रा के किनारे पर जहां पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए ,पेड़ पौधे रोपने चाहिए ,वहां पर बड़ी संख्या में पक्के निर्माण कर लिए गए हैं। नए शहर और पुराने शहर के सभी सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण व कॉलोनियों का जाल फैला दिया गया है।
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