{"_id":"658eabbf817dd1b6f2081088","slug":"ujjain-verdict-came-after-three-years-wife-and-three-others-who-murdered-her-husband-got-life-imprisonment-2023-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain: तीन साल बाद आया फैसला, पति की हत्या करने वाली पत्नी और अन्य तीन को मिला आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain: तीन साल बाद आया फैसला, पति की हत्या करने वाली पत्नी और अन्य तीन को मिला आजीवन कारावास
Fri, 29 Dec 2023 04:51 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 29 Dec 2023 04:51 PM IST
सार
तीन साल पहले हुई हत्या के मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। हत्या में पत्नी और उसका प्रेमी और दो भाई शामिल थे। अवैध संबंधों के चलते ये हत्या की गई थी।
विज्ञापन
उज्जैन कोर्ट ने हत्या के मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
- फोटो : file photo
विस्तार
प्रेम-प्रसंग के चलते पत्नी ने अपने प्रेमी और दो भाइयों के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी। पुलिस ने मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया था। तीन साल बाद सुनवाई पूरी होने पर न्यायालय ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जिला अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र खांडेगर ने बताया कि 8 अगस्त 2020 को ग्राम आकासौदा से टीकमसिंह की लाश घर के समीप से मिली थी। सूचना पर चिंतामण थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। पत्नी रचना बाई ने बताया कि कुछ बदमाश आए थे और घर में लूटपाट कर 35 हजार रुपये और आभूषण लेकर भागे हैं। पति ने बदमाशों का पीछा करने का प्रयास किया था, जिसके चलते उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद मृतक के भाई अभिजीत ने संदेह जताया और भाभी रचना की साजिश बताई।
प्रेम संबंध का मामला
पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर गंभीरता से जांच शुरू की। इसमें सामने आया कि रचना के प्रेम संबंध रतनसिंह चौधरी से हैं, जिसको लेकर मृतक और रचनाबाई में विवाद होता था। इसी वजह से रचना ने अपने प्रेमी रतनसिंह और दो भाई वीरेन्द्रसिंह, ईश्वरसिंह के साथ मिलकर लाठी-डंडों से हत्या की और साक्ष्य छुपाने के लिए घर में लूटपाट की झूठी कहानी गढ़ी है। जांच के आधार पर रचना को हिरासत में लेकर सख्त पूछताछ करने पर उसने हत्या करना कबूल कर लिया।
विज्ञापन
चारों को गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। तीन साल चली सुनवाई के बाद सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश शशिकांत वर्मा ने फैसला सुनाते हुए रचनाबाई, उसके प्रेमी रतनसिंह और दोनों भाइयों को हत्या करने और साक्ष्य छुपाने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन अधिकारी ने बताया कि प्रकरण में संचालन नितेश कृष्णन एडीपीओ एवं संध्या सोलंकी एडीपीओ किया गया।
विज्ञापन
जिला अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र खांडेगर ने बताया कि 8 अगस्त 2020 को ग्राम आकासौदा से टीकमसिंह की लाश घर के समीप से मिली थी। सूचना पर चिंतामण थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। पत्नी रचना बाई ने बताया कि कुछ बदमाश आए थे और घर में लूटपाट कर 35 हजार रुपये और आभूषण लेकर भागे हैं। पति ने बदमाशों का पीछा करने का प्रयास किया था, जिसके चलते उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद मृतक के भाई अभिजीत ने संदेह जताया और भाभी रचना की साजिश बताई।
विज्ञापन
प्रेम संबंध का मामला
पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर गंभीरता से जांच शुरू की। इसमें सामने आया कि रचना के प्रेम संबंध रतनसिंह चौधरी से हैं, जिसको लेकर मृतक और रचनाबाई में विवाद होता था। इसी वजह से रचना ने अपने प्रेमी रतनसिंह और दो भाई वीरेन्द्रसिंह, ईश्वरसिंह के साथ मिलकर लाठी-डंडों से हत्या की और साक्ष्य छुपाने के लिए घर में लूटपाट की झूठी कहानी गढ़ी है। जांच के आधार पर रचना को हिरासत में लेकर सख्त पूछताछ करने पर उसने हत्या करना कबूल कर लिया।
विज्ञापन
चारों को गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। तीन साल चली सुनवाई के बाद सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश शशिकांत वर्मा ने फैसला सुनाते हुए रचनाबाई, उसके प्रेमी रतनसिंह और दोनों भाइयों को हत्या करने और साक्ष्य छुपाने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन अधिकारी ने बताया कि प्रकरण में संचालन नितेश कृष्णन एडीपीओ एवं संध्या सोलंकी एडीपीओ किया गया।
