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Ujjain News: गंभीर बांध पर बन रहा दूसरा इंटकवेल, दो जिलों के 914 गांव के लोगों को मिलेगा नर्मदा का पानी
Fri, 12 Apr 2024 06:19 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 12 Apr 2024 06:19 PM IST
सार
गंभीर बांध पर दूसरा इंटकवेल बन रहा है। इसके बनने से दो जिलों के 914 गांव के लोगों को नर्मदा का पानी मिलेगा। गंभीर बांध के जल भंडारण क्षेत्र में मिट्टी बिछाई जा रही है, ताकि गंभीर बांध का पानी निर्माण में बांधा न बने।
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इंटकवेल निर्माण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उज्जैन शहर में जलापूर्ति के मुख्य केंद्र गंभीर बांध के जल भंडारण क्षेत्र में जल निगम द्वारा दूसरा इंटकवेल बनाया जा रहा है। निर्माण स्वरूप चिह्नित स्थल पर मिट्टी डाल सतह ऊंची की जा रही है, ताकि गंभीर बांध का पानी निर्माण कार्य में बांधा न बने।
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इस इंटकवेल में पाइप लाइन के माध्यम से नर्मदा नदी का पानी भरकर पाइप लाइन के जरिए 914 गांवों उज्जैन जिले के 830 और इंदौर-देपालपुर के 84 गांव के हर घर तक पानी पहुंचाया जाएगा। यह काम एक हजार 462 करोड़ रुपये की लागत से होगा। इंटकवेल 20 मीटर गहरा, 14 मीटर व्यास का बनेगा। पानी की शुद्धता के लिए फिल्टर प्लांट उन्हेल रोड पर घटि्टया विकास खंड के गांव झिरन्या में बन रहा है। 1,462 करोड़ रुपये का ये काम जल निगम करवा रहा है, जिसका भूमिपूजन 22.50 प्रतिशत काम होने के बाद 29 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था।
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परियोजना का काम सितंबर 2023 में शुरू हो गया था। इंटकवेल में नर्मदा का पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन चिंतामन गणेश से गंभीर बांध तक बिछाई जाएगी। इस पाइप लाइन का टी-कनेक्शन 1,856 करोड़ रुपये की नर्मदा-शिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना अंतर्गत बिछाई पाइप लाइन से होगा। जल निगम ने परियोजना पूर्ण करने की समय सीमा सात नवंबर 2025 निर्धारित कर रखी है। 354 गांवों में पाइप लाइन बिछाकर, टंकी बनाकर प्रत्येक व्यक्ति के घरों तक पानी पहुंचाया जाएगा। शेष गांवों में ग्रामीण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत बनाई पानी की टंकियों को नर्मदा जल से भरकर घर-घर पानी पहुंचाया जाएगा।
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इंदौर के देपालपुर विकास खंड के 82, सांवेर विकासखंड के दो, उज्जैन विकास खंड के 131, घटि्टया विकास खंड के 128, तराना विकास खंड के 206, बड़नगर विकास खंड के 189, खाचरौद विकास खंड के 176 गांव जल निगम की इस योजना से लाभान्वित होंगे। योजना का उद्देश्य गांवों में घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है। ये देश की ऐसी पहली नदी जोड़ो परियोजना है, जिसमें नर्मदा का पानी दो जिलों के गांवों तक घरेलू उपयोग के लिए पहुंचेगा।गंभीर बांध के जल भंडारण क्षेत्र में एक इंटकवेल वर्षों पहले 25 एमजीडी का बनाया था, जिसके माध्यम से शहर में जल प्रदाय किया जाता है। इसकी गहराई 20 मीटर और व्यास 25 मीटर है। जल प्रदाय व्यवस्था बेहतर बनाने को एक इंटकवेल गऊघाट पर शिप्रा किनारे भी बनाया गया है। इसकी गहराई 15 मीटर और व्यास 12 मीटर है।
