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बहनों को सलाम: 19 साल से ये बहनें सैनिकों को बॉर्डर पर भेजती हैं राखी, इस बार जैसलमेर में जाकर मनाया त्योहार
Sun, 03 Sep 2023 07:12 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sun, 03 Sep 2023 07:12 PM IST
सार
भाई बहन के प्यार और स्नेह के पर्व पर बहनों ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर इस पर्व को उत्साह और उमंग के साथ मनाया। लेकिन उज्जैन जिले की कुछ बहनें ऐसी भी हैं, जो कि पिछले 19 साल से हर वर्ष देश की सरहद पर खड़े सैनिक भाइयों को राखी बांधकर इस पर्व को मनाती आ रही हैं। इस वर्ष भी यह बहनें राजस्थान के जैसलमेर जिले में पहुंची। जहां उन्होंने सैनिक भाइयों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का यह त्योहार मनाया।
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जैसलमेर में मनाया त्योहार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उज्जैन शहर में संचालित होने वाले संगिनी ग्रुप की अध्यक्ष ममता सांगते पिछले 19 साल से अपने ग्रुप की सदस्यों के साथ देश की विभिन्न सरहदों पर तैनात सैनिक भाइयों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का यह त्योहार मना रही हैं। संगिनी ग्रुप की अध्यक्ष ममता सांगते ने बताया कि इस बार संगिनी ग्रुप की बहने जैसलमेर के तनोट वाली माता मंदिर बॉर्डर पर पहुंची थीं। जहां उन्होंने बलबियन बॉर्डर पर सैनिक भाइयों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
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उन्होंने बताया कि यह देश की ऐसी सरहद है, जहां पर तपती गर्मी, रेतीले तूफान हो या फिर कड़कड़ाती ठंड, यहां हमेशा मजबूत इरादे के साथ हमारे देश के जवान देश की सुरक्षा के लिए जुटे रहते हैं। इस बार जैसलमेर बॉर्डर पर सैनिक भाइयों को संगिनी ग्रुप की टीम की सदस्य डॉ. अर्चना परमार, पूर्णिमा गौर, किरण खराडे, समीक्षा व्यास, शीला व्यास के साथ ही अन्य सदस्यों ने सैनिकों को राखी बांधी, जिससे त्योहार मना रही बहनों और भाइयों की आंखें भी भर आईं।
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उन्होंने बताया कि देश की जिन सरहदों पर हम नहीं पहुंच पाए, वहां हमने लगभग 6000 राखियां सैनिक भाइयों के लिए स्पीड पोस्ट से भेजी थी। जहां से सैनिक भाइयों ने एक दूसरे को राखी बांधकर खुशी के वह पल वह फोटो हमे भेजें और हमें राखी भेजने के लिए धन्यवाद देने के साथ ही यह संदेश भी भेजा है कि आपके द्वारा भेजी गई राखियों से हमारा हौसला बढ़ता है। हमें इस बात पर गर्व होता है कि देश में हमारी बहने मौजूद हैं, जो हमें रक्षा सूत्र भेज रही हैं। हम अपनी बहनों को वचन देते हैं कि हम जब तक सीमा पर हैं, तब तक आप सुरक्षित होकर त्योहार की खुशियां मनाइए।
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