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Ujjain News: हमदर्द पुलिस का अमानवीय चेहरा, इंचार्ज का आरोप- मुफ्त में बीयर न देने पर TI ने थाने में पिटवाया

Wed, 02 Aug 2023 06:05 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 02 Aug 2023 06:05 PM IST
सार

जनता के बीच वर्दी ही नहीं हमदर्दी की भी बात करने वाली पुलिस का ऐसा अमानवीय चेहरा सामने आया है, जिसमें मुफ्त में बीयर की चार केन न देने की बात पर शराब सेल्स इंचार्ज के साथ प्लास्टिक के लट्ठ से मारपीट की गई। मामले में कोई कार्रवाई करने पर शासकीय कार्य में बाधा के साथ ही अन्य धाराओं में फंसाने की धमकी दी गई थी, जिसकी शिकायत इंचार्ज ने एसपी सचिन शर्मा से करते हुए नागझिरी थाना प्रभारी और थाने में पदस्थ अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की शिकायत की है।

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Ujjain News Accusation of Liquor Incharge TI got beaten up in police station for not giving beer for free
TI ने थाने में पिटवाया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उज्जैन में वीरेंद्र कुमार तिवारी निवासी इंदौर नागझिरी में अंग्रेजी शराब की दुकान के सेल्स इंचार्ज हैं। 26 जुलाई 2023 की रात को उनके पास नागझिरी थाना प्रभारी विक्रम सिंह का ड्राइवर किशन पल्सर से शराब की दुकान पर पहुंचा था, जिसने वीरेंद्र तिवारी से चार बीयर की बोतल मांगी थी। जब विक्रम ने बीयर की बोतल के पैसे मांगे तो किशन नाराज हो गया था और उसने नागझिरी थाना प्रभारी विक्रम सिंह से वीरेंद्र की बात भी करवाई थी। लेकिन इसके बावजूद जब वीरेंद्र ने फ्री में बीयर नहीं दी और इसे देने के लिए सेठ से बात करने को कहा तो नागझिरी थाना प्रभारी विक्रम सिंह नाराज हो गए थे और उन्होंने धमकी दी थी कि हमसे पहलवानी कर रहा है, अभी तुझे बताता हूं, पहलवानी करना क्या होता है।

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तुझे झूठे केस में फंसा दूंगा, उसके बाद ड्राइवर बिना रुपये दिए चार बीयर हंटर की केन ले गया। वीरेंद्र तिवारी द्वारा पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा को की गई शिकायत में बताया गया कि जब वहां शराब की दुकान बंद कर घर की ओर जाने लगा तो दुकान के बाहर दो पुलिस जवान विजय चौहान और एक अन्य खड़े थे, जिन्होंने वीरेंद्र को कहा कि हमारे साथ चलो तुम्हें टीआई साहब ने बुलाया है। दोनों पुलिस जवान वीरेंद्र सिंह को अपने साथ थाने ले गए, जहां टीआई विक्रम सिंह आए और बोले कि इसको बाहर लाओ।
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फिर रोड पर टीआई और विजय चौहान तथा एक और सिविल जवान ने हाथ मुक्के से मारना शुरू किया। फिर वीरेंद्र सिंह से आपराधिक रिकॉर्ड पूछे गए, जब उन्हें पता चला कि मेरा कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है तो टीआई ने कहा कि अब तुझे अपराधी बनाऊंगा। फिर टीआई विक्रम सिंह ने कहा कि लट्ठ लाओ ये ऐसे नहीं मानेगा। फिर विजय चौहान बोलेरो गाड़ी से पाइप लाया और सिविल पुलिस और टीआई दोनों पाइप से मारने लगे।
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विजय चौहान ने मेरे हाथ पकड़े और ड्राइवर किशन ने पैर पकड़े और मुझे रोड पर उल्टा लिटाकर मेरे कमर पर तथा पीठ पर एवं पुट्ठे पर पाइप से टीआई विक्रम सिंह और सिविल पुलिस ने लगभग 50 लट्ठ मारे और जिससे मुझे दोनों हाथ बाह और पुट्ठे पर पैरों पर एवं पीठ में चोटे आई। फिर मुझे थाने में अंदर ले गए और ले जाकर कई कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए।

निष्पक्ष जांच की मांग
पूरे मामले की जांच पुलिस थाना नागझिरी के कैमरे में है तथा नागझिरी वाइन शाप नंबर दो के कैमरे में भी रिकार्डिंग उपलब्ध है। यह कि बिना किसी अपराध के जबरन दुकान से उठाकर थाने में ले जाकर थाने के सामने रोड पर बिना किसी अपराध के लिटाकर प्लास्टिक के लट्ठ से मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने तथा अपने शासकीय पद का दुरुपयोग करने एवं अश्लील गालियां देने तथा कहीं शिकायत करने पर हत्या करने की धमकी देने के संबंध में प्रकरण दर्ज किया जाना न्यायहित में आवश्यक है। अन्य विभागीय दण्डात्मक कार्रवाई की जाना चाहिए। मुझ प्रार्थी को गंभीर चोट है, किंतु बिना रिपोर्ट के हास्पिटल में मेडिकल भी नहीं हो रहा है। इस कारण मेरा रिपोर्ट दर्जकर मेडिकल कराकर इलाज कराया जाए और उक्त घटना की न्यायिक एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान और थाना नागझिरी तथा पुलिस विजय चौहान एवं सिविल पुलिस तथा अन्य संलिप्त स्टाप व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाने की कृपा की जाए।


टीआई बोले- नहीं की मारपीट
इस बारे में नागझिरी थाना प्रभारी टीआई विक्रम सिंह का कहना है कि तिवारी को देर रात तक शराब की दुकान खोले जाने पर समझाइश दी गई थी। संबंधित व्यक्ति ने दुकान बंद करने से मना कर दिया तो उसे समझाइश देने के लिए थाने लाया गया था। हमने उसके साथ कोई मारपीट नहीं की। यदि हमने मारपीट की थी तो उसे मेडिकल कराना था।

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