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Ujjain: धोखाधड़ी करने पर महामंडलेश्वर पद व अखाड़े से मंदाकिनी निष्कासित, रवींद्र पुरी महाराज ने की कार्रवाई
Tue, 07 May 2024 10:18 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 07 May 2024 10:18 PM IST
सार
महामंडलेश्वर बनाने के नाम पर साथ ही शासकीय स्तर पर कई पदों का प्रलोभन दिलाने को नाम पर मंदाकिनी पुरी ने कई लोगों से धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। गत दिनों अखाड़ा परिसर में किए गए यज्ञ के नाम पर भी मंदाकिनी से जुड़े कई लोगों द्वारा अवैध चंदा वसूल की गई है।
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद सदस्य और महामंडलेश्वर मंदाकिनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक संत को महामंडलेश्वर बनाने के नाम पर की गई 7.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े ने महामंडलेश्वर मंदाकिनी पुरी को पद के साथ अखाड़े से निष्कासित कर दिया है। उज्जैन प्रवास पर आए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रवींद्रपुरी महाराज ने स्थानीय वरिष्ठ संतों से विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया।
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पंचायती निरंजनी अखाड़ा बड़नगर रोड पर मीडिया से चर्चा में उन्होंने साफ कह दिया कि जो भी गलत आचरण करेगा, वह सजा भुगतने के लिए तैयार रहे। उज्जैन के एक संत सूरेश्वरानंद महाराज को महामंडलेश्वर बनाने का झांसा देकर मंदाकिनी पुरी ने उनसे 7.50 लाख रुपये नगद ऐंठ लिए। मांगने पर जब रुपये वापस नहीं दिए तो पीड़ित संत द्वारा उज्जैन के चिमनगंज मंडी थाना में एफआईआर दर्ज करवाई गई।
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यह मामला संज्ञान में आने के साथ ही इस तरह की ठगी के शिकार हुए और भी कई पीड़ित अखाड़े पहुंचे और अपनी आप बीती सुनाई। आरोपों कि गंभीरता देखते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष व श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी महाराज एवं सचिव महंत रामरतन गिरी महाराज ने मंदाकिनी पुरी को महामंडलेश्वर पद एवं अखाड़े से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। साथ ही कहा कि जो भी शिकायत है, हमारे पास आएगी उसकी जांच कराई जाकर आगामी कार्रवाई करेंगे।
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याद रहे कि महामंडलेश्वर बनाने के नाम पर साथ ही शासकीय स्तर पर कई पदों का प्रलोभन दिलाने को नाम पर मंदाकिनी पुरी ने कई लोगों से धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। गत दिनों अखाड़ा परिसर में किए गए यज्ञ के नाम पर भी मंदाकिनी पुरी से जुड़े कई लोगों द्वारा अवैध चंदा वसूल की गई है। इस पर भी अब अखाड़े द्वारा वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमंत रामरतन गिरी महाराज ने दी।
स्थानीय संत मंडल ने भी किया निष्कासित
अखाड़ा द्वारा की गई कार्रवाई के बाद उज्जैन के स्थानीय संत मंडल द्वारा भी तुरंत प्रभाव से मंदाकिनी पुरी को निष्कासित कर दिया गया। जानकारी स्थानीय संत मंडल के अध्यक्ष श्री महंत रामेश्वर गिरी महाराज जूना अखाड़ा ने दी और कहा कि आगामी किसी भी धार्मिक कार्यक्रम, कथा भंडारे आदि में मंदाकिनी को आमंत्रित नहीं किया जाएगा।
