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Ujjain Mahakal: फूलों के साथ भस्म रमाकर अद्भुत दिखे महाकाल, त्रिपुंड और त्रिनेत्र लगाकर हुआ अलौकिक शृंगार
Thu, 01 Feb 2024 08:02 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Thu, 01 Feb 2024 08:02 AM IST
सार
बाबा महाकाल को त्रिपुंड और त्रिनेत्र लगाकर शृंगार किया गया फिर भस्म रमाई गई। बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन हजारों भक्तों ने किए।
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बाबा महाकाल।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
माघ कृष्ण पक्ष की षष्ठी गुरुवार को भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का जटा स्वरूप में शृंगार किया गया। इस दौरान पहले बाबा महाकाल को त्रिपुंड और त्रिनेत्र लगाकर शृंगार किया गया फिर भस्म रमाई गई। उसके बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण करवाया गया। इस दिव्य स्वरूप के दर्शन हजारों भक्तों ने किए।
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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार सुबह होने वाली भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही मंदिर में सर्वप्रथम पुजारी और पुरोहितों ने भगवान श्री गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय और बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद कपूर आरती की गई।
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भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से किया गया और भगवान को बिल्व पत्र अर्पित कर और मस्तक पर त्रिपुंड और त्रिनेत्र लगाकर शृंगारित करने के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर महानिवार्णी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई।
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भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का फूलों से शृंगार किया गया। मुकुट धारण करवाकर आभूषण भी पहनाए गए। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया। जिससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया
