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Ujjain Mahakal: VVIP ही नहीं बैठेंगे आगे! अब पहले से तय होगा बैठने का स्थान, जानें कैसे मिलेगी आगे की जगह

Sun, 31 Aug 2025 03:09 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sun, 31 Aug 2025 03:09 PM IST
सार

नई व्यवस्था प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर होगी। अभी तक बैठने की स्पष्ट व्यवस्था न होने से धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति बन जाती थी। प्रशासन का दावा है कि नई प्रणाली विवादों पर लगाम लगाएगी और वीवीआईपी को प्राथमिकता मिलने की धारणा भी टूट जाएगी।

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Ujjain Mahakal Bhasma Aarti: New Seating Rules, Devotees to Get Fixed Spots with Booking Online Process
बाबा महाकाल दर्शन व्यवस्था में बदलाव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धर्मनगरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर भस्म आरती के दौरान दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। अब भक्तों को भस्म आरती बुकिंग के साथ ही ये भी याद रखना होगा कि, उन्हें आरती के दौरान कहां बैठना है। मंदिर समिति जल्द ही श्रद्धालुओं को वर्चअल अनुमति के साथ नंबर जारी करने की व्यवस्था करेगी। अभी भक्तों को ये पता नहीं होता है कि उन्हें कहां बैठाया जाएगा। नई व्यवस्था को लेकर तैयारी जारी है।

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ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के चार बजे भगवान महाकाल की भस्म आरती होती है। मंदिर समिति द्वारा प्रतिदिन 1700 भक्तों को भस्म आरती दर्शन की अनुमति दी जाती है। भस्म आरती दर्शन के लिए भक्तों को नंदी, गणेश व कार्तिकेय मंडपम में बैठाया जाता है। भक्तों को यह नहीं पता होता है कि उन्हें कहां बैठाया जाएगा। प्रचलित व्यवस्था अनेक अवसरों पर विवाद का कारण बनती है। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि भस्म आरती दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थान तय करने की व्यवस्था बना रहे हैं। दर्शन बुकिंग के साथ ही श्रद्धालुओं को यह भी पता लग जाएगा कि उन्हें कहां बैठना है। व्यवस्था को लेकर तैयारियां जारी हैं। मंदिर में अन्य तकनीकी नवाचार भी कर रहे हैं। 
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पहले आवेदन करने पर मिलेगी आगे की जगह
आए दिन धक्का-मुक्की भी होती है। मंदिर में प्रवेश करने के बाद कई भक्त आगे बैठने को लेकर विवाद करने लगते हैं। भस्म आरती की नई दर्शन व्यवस्था प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर रहेगी। पहले आवेदन करने वाले अग्रिम पंक्ति में बैठ सकेंगे। यह व्यवस्था इस मिथक को पूरी तरह तोड़ देगी कि वीवीआईपी ही सबसे आगे बैठकर भस्म आरती दर्शन करते हैं।



आए दिन बन रहे विवाद के हालातों पर लगेगी लगाम
भक्तों के बीच भी आए दिन धक्का-मुक्की की स्थिति बन जाती है। मंदिर में प्रवेश करने के बाद कई भक्त आगे बैठने को लेकर विवाद करते हैं। भस्म आरती की नई दर्शन व्यवस्था प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर होगी। पहले आवेदन करने वाले अग्रिम पंक्ति में बैठेंगे। इसके बाद जैसे जैसे आवेदन प्राप्ति होगी उसी आधार पर उन्हें बैठने का स्थान दिया जाएगा। नई व्यवस्था इस मिथक को भी तोड़ देगी कि वीवीआईपी ही सबसे आगे बैठकर भस्म आरती दर्शन करते हैं।
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