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Ujjain News: चंद कदमों की दूरी पर था अस्पताल, लोग वीडियो बनाते रहे और घायल की चली गई जान, ये रहा मामला

Mon, 27 May 2024 08:48 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 27 May 2024 08:48 PM IST
सार

मामला उज्जैन में सामने आया, जिसमें अज्ञात वाहन की टक्कर से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। यदि समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।

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Ujjain hospital was a few steps away people kept making videos and injured lost their lives
मृतक युवक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आज कल देखा जाता है कि एक्सीडेंट स्पॉट पर लोग पीड़ित की मदद करने की बजाय उनके फोटो और वीडियो बनाने लगते हैं। इसकी वजह से एक्सीडेंट में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत तो होती ही है। कई बार इन्हें समय पर मदद न मिलने के कारण जान भी गंवानी पड़ती है।

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ऐसा ही एक मामला उज्जैन में सामने आया, जिसमें अज्ञात वाहन की टक्कर से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे यदि समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। लेकिन कुछ तमाशबीन लोगों ने घायल की मदद करने के बजाय उसके फोटो-वीडियो बनाना शुरू कर दिए, जिससे कुछ इस समय में युवक की जान चली गई। सोचने वाली बात है कि घटना स्थल से महज चंद कदमों की दूरी पर ही एक दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन अस्पताल थे। अगर किसी भी अस्पताल पर घायल को ले जाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। 
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बताया जाता है कि मायापुरी क्षेत्र में रहने वाले आयुष सिंह पिता शैलेंद्र सुनेहरिया के 18 वर्षीय बेटे को उस समय अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जब वह सेठी नगर स्थित अपनी इलेक्ट्रॉनिक की दुकान खोलने जा रहा था। यह घटना जीरो पॉइंट ब्रिज के पास घटित हुई। इसमें आयुष को टक्कर लगते ही वह गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे यदि कोई भी शहरवासी मानवता का परिचय देते हुए अस्पताल ले जाता तो आज आयुष की मौत नहीं होती।
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बताया जाता है कि आयुष के एक्सीडेंट की खबर लगते ही देवासगेट थाना पुलिस घटना स्थल पर पहुंची थी, जिन्होंने आयुष को जिला चिकित्सालय पहुंचाया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एचपी सोनानिया ने बताया कि फोटो-वीडियो बनाने की बजाय शहरवासियों को इतनी मानवता जरूर दिखाना चाहिए कि यदि किसी को उनकी मदद की जरूरत है तो एक्सीडेंट जैसे मामलों में लोग जरूर सामने आए। क्योंकि उनकी छोटी सी मदद किसी की जान बचा सकती है। इस घटना में भी यदि कोई आयुष की मदद करता तो आज उसकी जान नहीं जाती।


हाल ही में एक्सीडेंट के ऐसे काफी मामले सामने आए हैं, जिसमें इलाज में देरी की वजह से घायल की मौत हो जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने भी सभी नागरिकों को निर्देश दिया है कि पहले एक्सीडेंट के घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया जाए। सोर्स बताते है कि एक्सीडेंट का वीडियो बनाने या फिर सेल्फी लेने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 122 और 177 के तहत गिरफ्तारी का प्रावाधान है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सेक्शन 177 के तहत 100 रुपये से लेकर 300 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सकता है।

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