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Ujjain: उज्जैन-आलोट सीट पर कड़ी मेहनत के बाद भी नहीं जीत पाई कांग्रेस, 2009 में गुड्डू ने दी थी BJP को शिकस्त

Sun, 25 Feb 2024 02:30 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 25 Feb 2024 02:30 PM IST
सार

उज्जैन लोकसभा सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है। इस लोकसभा सीट पर कांग्रेस को आखिरी बार 2009 में जीत मिली थी। इसके बाद 2014 और 2019 में भाजपा की धमाकेदार जीत हुई थी। 

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Ujjain: Despite hard work, Congress could not win the Ujjain-Alot seat, only in 2009, Panje defeated BJP.
भाजपा का गढ़ रही है उज्जैन लोकसभा सीट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव 2024 के पहले भाजपा कुछ खास सीटों पर काम कर रही है। जहां उसे जीत मिलने में कुछ दिक्कत आ सकती है, लेकिन पार्टी के पास अनेक सीटें ऐसी हैं, जहां से पार्टी लगभग हर चुनाव आसानी के साथ जीती है। ऐसी ही एक सीट उज्जैन-आलोट संसदीय लोकसभा सीट है। इस सीट पर भाजपा लगातार जीतती आई है और कांग्रेस लंबे वक्त से यहां प्रयास कर रही है। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि क्या इस बार कांग्रेस को कामयाबी मिलती है या भाजपा एक बार फिर यहां धमाकेदार जीत दर्ज करने में सफल हो जाती है।
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वैसे इस लोकसभा सीट पर कांग्रेस को आखिरी बार 2009 में जीत मिली थी। इसके बाद 2014 और 2019 में भाजपा की धमाकेदार जीत हुई थी। 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा के अनिल फिरोजिया को करीब 7,91,663 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे बाबूलाल मालवीय को 4,26,026 वोट ही मिले थे। भाजपा के अनिल फिरोजिया को इस चुनाव में 63 प्रतिशत तक वोट मिले थे। कांग्रेस के बाबूलाल मालवीय दूसरे और बसपा के सतीश परमार तीसरे नंबर पर रहे थे। अभी इस सीट पर भाजपा कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। जबकि वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में इस लोकसभा सीट से भाजपा की ही जीत हुई थी। इस सीट पर प्रोफेसर चिंतामणि मालवीय 641101 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के प्रेमंचद्र गुड्डू 331438 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर बसपा के रामप्रसाद जाटवा थे। जब कांग्रेस को आखिरी बार 2009 में इस लोकसभा सीट पर जीत मिली थी। 2009 में कांग्रेस से इस सीट पर प्रेमचंद गुड्डू 325905 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर भाजपा के डॉ. सत्यनारायण जटिया को 311264 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर बसपा नेता बाबूलाल थावलिया थे।
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लोकसभा क्षेत्र में आती हैं आठ विधानसभा सीट
उज्जैन आलोट संसदीय सीट में आठ विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें नागदा-खाचरोद, महिदपुर, तराना (एससी), घटिया, (एससी) उज्जैन उत्तर, उज्जैन दक्षिण, बड़नगर, रतलाम आलोट (एससी) शामिल है। 
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भाजपा का गढ़ है यह लोकसभा
अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद कांग्रेस इस सीट से चमत्कार नहीं कर सकी। 1967 में यह सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित थी। जनसंघ ने 1967 में यहां से पहला चुनाव जीता। वर्ष 1984 में इस सीट को कांग्रेस ने जीती। उसके बाद, 2009 के लोकसभा चुनाव में धुर्वीकरण से कांग्रेस उम्मीदवार प्रेमचंद्र गुड्डु के पक्ष में गया। हालांकि, फिर 2019 में यहां भाजपा ने वापसी कर ली।


यह है जातिगत समीकरण...?
लोकसभा सीट उज्जैन में जातीय समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में से सामान्य वर्ग के मतदाता 24.6, पिछड़ा वर्ग- 18.6, एसटी एससी- 46.3, अल्पसंख्यक- 3.9 वहीं अन्य -6.6 मतदाता हैं।

उज्जैन लोकसभा का इतिहास
साल     सांसद     पार्टी
1984     सत्यनारायण पवार   कांग्रेस
1989 सत्यनारायण जटिया भाजपा
1991 सत्यनारायण जटिया भाजपा
1996 सत्यनारायण जटिया भाजपा
1998 सत्यनारायण जटिया भाजपा
1999 सत्यनारायण जटिया भाजपा
2004  सत्यनारायण जटिया भाजपा
2009 प्रेमचंद गुड्डू कांग्रेस
2014 चिंतामणी मालवीय भाजपा
2019 अनिल फिरोजिया भाजपा
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