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Ujjain: विक्रम विश्वविद्यालय में कांग्रेस और एनएसयूआई का प्रदर्शन, कुलसचिव की नेम प्लेट पर पोत दी कालिख
Wed, 28 Jun 2023 08:03 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 28 Jun 2023 08:03 PM IST
सार
पीएचडी चयन परीक्षा में धांधली एवं फर्जी तरीके से नंबर बढ़ाने के मामले में लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज होने के बावजूद भी कुलसचिव और 4 प्रोफेसर विक्रम विश्वविद्यालय में काम कर रहे हैं। इसे लेकर एनएसयूआई ने प्रदर्शन किया। कुलसचिव की नेम प्लेट पर कालिख पोत दी गई।
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विरोध कर रहे छात्रनेताओं ने कुलसचिव की नेम प्लेट पर कालिख पोत दी।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय में छात्र संगठन एनएसयूआई ने जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कुलसचिव की नेम प्लेट पर कालिख भी पोती। ये लोग वर्ष 2022 में हुई पीएचडी चयन परीक्षा में धांधली एवं फर्जी तरीके से नंबर बढ़ाने के मामले में लोकायुक्त द्वारा केस दर्ज करने के बाद भी कुलसचिव को विश्वविद्यालय से नहीं हटाने पर नाराज थे।
बता दें कि मामले में लोकायुक्त ने कुलसचिव, पूर्व कुलपति, सहायक प्राध्यापक और सहायक कुलसचिव के खिलाफ धारा 420, 468, 471, 201, 120 बी भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया था। कुलसचिव को विवि से नहीं हटाने पर युवक कांग्रेस व एनएसयूआई ने हंगामा कर कुलसचिव कार्यालय के बाहर लगी नेम प्लेट पर कालिख पोत कर विरोध जताया।
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बता दें कि मामले में लोकायुक्त ने कुलसचिव, पूर्व कुलपति, सहायक प्राध्यापक और सहायक कुलसचिव के खिलाफ धारा 420, 468, 471, 201, 120 बी भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया था। कुलसचिव को विवि से नहीं हटाने पर युवक कांग्रेस व एनएसयूआई ने हंगामा कर कुलसचिव कार्यालय के बाहर लगी नेम प्लेट पर कालिख पोत कर विरोध जताया।
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एनएसयूआई ने ज्ञापन भी सौंपा।
- फोटो : सोशल मीडिया
विरोध कर रहे कांग्रेस के नेता बबलू खिंची ने बताया कि लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज होने के बावजूद भी कुलसचिव और 4 प्रोफेसर विक्रम विश्वविद्यालय में काम कर रहे हैं। जबकि उन्हें अब तक निलंबित कर दिया जाना चाहिए था। आज हमने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन दिया है और मांग की है कि ऐसे लोगों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्यवाही की जाए। आपने यह भी कहा कि कुलसचिव प्रशांत पुराणिक के पास न जाने ऐसा क्या प्रभाव है कि इन्हें राज्य शासन द्वारा दो-दो बार हटा दिया गया, लेकिन इसके बावजूद भी आज तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह ज्ञापन दिए जाने के साथ ही विरोध कर रहे कांग्रेस व एनएसयूआई के नेताओ ने कुलपति अखिलेश कुमार पांडे का घेराव भी किया।
कालिख पोती, लगाए नारे
कुलसचिव प्रशांत पौराणिक के खिलाफ कांग्रेस और एनएसयूआई का विरोध प्रदर्शन इतना उग्र था कि पहले विरोध जता रहे लोगों ने कुलसचिव कार्यालय पर पहुंचकर कुलसचिव की पट्टी पर कालिख पोत दी और उसके बाद विश्वविद्यालय के गेट पर नारे लगाए।
कालिख पोती, लगाए नारे
कुलसचिव प्रशांत पौराणिक के खिलाफ कांग्रेस और एनएसयूआई का विरोध प्रदर्शन इतना उग्र था कि पहले विरोध जता रहे लोगों ने कुलसचिव कार्यालय पर पहुंचकर कुलसचिव की पट्टी पर कालिख पोत दी और उसके बाद विश्वविद्यालय के गेट पर नारे लगाए।
