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Ujjain Crime: असली DD जेब में रखी रह गई और नकली से हो गया एक करोड़ रुपये का भुगतान, जानें पूरा मामला
Sat, 17 Jun 2023 05:32 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 17 Jun 2023 05:32 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में व्यापारी के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले मे व्यापारी ने बड़नगर थाना पुलिस को आवेदन देकर धोखाधड़ी करने वाले तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर खाते में वापस रुपये दिलाने की गुहार लगाई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उज्जैन में नगर के एक किराना व्यापारी के साथ डीडी (ड्राफ्ट) के माध्यम से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें ड्राफ्ट की फोटो से ही बैंक के द्वारा एक करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने की बात कही जा रही है। मामले में व्यापारी ने बड़नगर थाना पुलिस को आवेदन देकर धोखाधड़ी करने वाले तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर खाते में वापस रुपये दिलाने की गुहार लगाई है। फरियादी ने बैंक मैनेजर पर भी धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया है।
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बड़नगर थाने के उपनिरीक्षक सुरेंद्र गरवाल ने बताया, पवन अग्रवाल पिता सीताराम अग्रवाल निवासी शिवाजी रोड बड़नगर की फर्म का करंट खाता अग्रवाल एजेंसी के नाम से एसडीएफसी बैंक में है। खाते से एक करोड़ की राशि का डिमांड ड्रॉफ्ट (डीडी) व्यापार के संबंध में राजवीर फूड कार्पोरेशन के नाम बनवाया था, जिससे संपर्क करवाने में आकाश निवासी बड़नगर और विजय निवासी उज्जैन के माध्यम से व्यापार की चर्चा हुई थी, जिसके बाद इनके साथी रोहित झा से संपर्क करके डीडी का फोटो वाट्सअप किया था।
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जब किसी कारण से पवन को व्यापार के दौरान यह राशि देना ठीक नहीं लगी तो वह यह डीडी लेकर बैंक में निरस्त करवाने गए, तब बैंक मैनेजर राजेश गोस्वामी ने बताया कि इस डीडी का भुगतान राजवीर फूड कार्पोरेशन को हो चुका है। जब कि पवन के हाथों में ओरिजनल डीडी थी, जिसके बावजूद भी बैंक मैनेजर गोस्वामी ने डीडी कैंसिल करने से मना कर दिया।
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वहीं, नकली डिमांड ड्रॉफ्ट डीडी से भुगतान कर दिया। पवन ने बताया कि एक करोड़ का भुगतान करने के पहले भी मैनेजर गोस्वामी द्वारा हमें कोई सूचना भी नहीं दी गई। जबकि मैनेजर गोस्वामी ने कहा था कि ओरिजनल डीडी पर अभी मेरे हस्ताक्षर होना बाकी हैं। जब भी डीडी भुगतान करवाओगे, तब मेरी सूचना और मेरे हस्ताक्षर के बिना डीडी का भुगतान नहीं होगा। फिर भी नकली डीडी बनाकर अपराधियों द्वारा राशि प्राप्त कर ली गई है।
पुलिस कर रही जांच...
इस पूरे मामले में पवन अग्रवाल द्वारा दिए गए आवेदन के बाद पुलिस यह जानकारी जुटाने में लगी हुई है कि इस पूरे मामले में गलती किसकी है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
