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Ujjain: पंचक्रोशी यात्रा 15 अप्रैल से, 118 किमी की परिक्रमा करने के बाद शिप्रा स्नान से होगा समापन
Fri, 03 Mar 2023 11:02 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 03 Mar 2023 11:02 PM IST
सार
प्रसिद्ध पंचक्रोशी यात्रा इस बार 15 अप्रैल से प्रारंभ होगी। यात्रा का समापन 19 अप्रैल को होगा। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने पंचक्रोशी यात्रा को लेकर तैयारियां पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।
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उज्जैन में पंचक्रोशी यात्रा 15 अप्रैल से शुरू हो रही है।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
उज्जैन से निकलने वाली प्रसिद्ध पंचक्रोशी यात्रा इस बार 15 अप्रैल से प्रारंभ होगी। यात्रा का समापन 19 अप्रैल को होगा। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने पंचक्रोशी यात्रा को लेकर तैयारियां पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।
मान्यता है कि पंचक्रोशी यात्रा अनादिकाल से प्रचलित थी, जिसे राजा विक्रमादित्य ने प्रोत्साहित कर 14वीं शताब्दी से शुरू किया था जो कि अब तक चली आ रही है। स्कंदपुराण के अनुसार अनन्तकाल तक काशीवास की अपेक्षा वैशाख मास में मात्र पांच दिवस अवंतिवास का पुण्य फल अधिक है। वैसाख कृष्ण दशमी पर शिप्रा स्नान व नागचंद्रेश्वर पूजन के पश्चात यात्रा प्रारम्भ होती है, जो 118 किमी की परिक्रमा करने के बाद कर्क तीर्थवास में समाप्त होती है और तत्काल अष्टतीर्थ यात्रा आरम्भ होकर वैशाखा कृष्ण अमावस्या को शिप्रा स्नान के पश्चात पंचक्रोशी यात्रा का समापन होता है।
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने पंचक्रोशी यात्रियों के लिये पड़ाव एवं उप पड़ाव पर की जाने वाली पेयजल, प्रकाश, साफ-सफाई, टेन्ट आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। बताया कि पंचक्रोशी यात्रा एक बड़ा त्यौहार है, इसलिये सौंपे गये दायित्व का निर्वहन जिम्मेदारी से करें। पंचक्रोशी यात्रियों के लिये व्यवस्थाएं बेहतर करें।
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मान्यता है कि पंचक्रोशी यात्रा अनादिकाल से प्रचलित थी, जिसे राजा विक्रमादित्य ने प्रोत्साहित कर 14वीं शताब्दी से शुरू किया था जो कि अब तक चली आ रही है। स्कंदपुराण के अनुसार अनन्तकाल तक काशीवास की अपेक्षा वैशाख मास में मात्र पांच दिवस अवंतिवास का पुण्य फल अधिक है। वैसाख कृष्ण दशमी पर शिप्रा स्नान व नागचंद्रेश्वर पूजन के पश्चात यात्रा प्रारम्भ होती है, जो 118 किमी की परिक्रमा करने के बाद कर्क तीर्थवास में समाप्त होती है और तत्काल अष्टतीर्थ यात्रा आरम्भ होकर वैशाखा कृष्ण अमावस्या को शिप्रा स्नान के पश्चात पंचक्रोशी यात्रा का समापन होता है।
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कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने पंचक्रोशी यात्रियों के लिये पड़ाव एवं उप पड़ाव पर की जाने वाली पेयजल, प्रकाश, साफ-सफाई, टेन्ट आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। बताया कि पंचक्रोशी यात्रा एक बड़ा त्यौहार है, इसलिये सौंपे गये दायित्व का निर्वहन जिम्मेदारी से करें। पंचक्रोशी यात्रियों के लिये व्यवस्थाएं बेहतर करें।
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