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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Tomorrow in Shravan Mahotsav, Lord Mahakal will be praised through classical singing, playing and dancing

Ujjain News: उज्जैन में कल श्रावण महोत्सव, शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य से होगी महाकाल की स्तुति

Fri, 23 Aug 2024 04:12 PM IST
Ujjain bureau उज्जैन ब्यूरो
Updated Fri, 23 Aug 2024 04:12 PM IST
सार

उज्जैन में 24 अगस्त को श्रावण महोत्सव का आयोजन होगा। इस दौरान शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य से भगवान महाकाल की स्तुति की जाएगी। 

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Tomorrow in Shravan Mahotsav, Lord Mahakal will be praised through classical singing, playing and dancing
श्रावण महोत्सव मे कल होगी शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य से होगी भगवान महाकाल की स्तुति

विस्तार

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा इस वर्ष 19वां अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव “शिवसंभवम” 2024 का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में राष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात कलाकार शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य से भगवान श्री महाकालेश्वर की वंदना करेंगे।

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19वां अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव “शिवसंभवम” 2024 का आयोजन 24 अगस्त 2024, शनिवार को शाम 7 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के निकट महाकाल महालोक स्थित त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय सभागृह, जयसिंहपुरा, उज्जैन में किया जाएगा। इस दौरान पुणे की सुश्री सानिया पाटनकर का शास्त्रीय गायन, नई दिल्ली के कुमार ऋषितोष और समूह का ताल वाद्य कचहरी, और उज्जैन की डॉ. अंजना चौहान का कथक नृत्य प्रदर्शन होगा।
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कलाकारों की जानकारी 
सानिया पाटनकर:
पुणे की सानिया पाटनकर ने 6 साल की उम्र में स्वर्गीय श्रीमती लीलाताई घरपुरे से शास्त्रीय गायन सीखना शुरू किया। उन्होंने 14 वर्षों तक डॉ. अश्विनी देशपाण्डे से 'जयपुर अतरौली घराने' में प्रशिक्षण प्राप्त किया। सानिया संगीत विशारद हैं और एम.कॉम (स्वर्ण पदक) प्राप्त की है। वे दूरदर्शन और आकाशवाणी की 'ए' ग्रेड कलाकार भी हैं। सानिया को केंद्रीय सरकार की छात्रवृत्ति, दादरमतुंगा केंद्र गुरु-शिष्य परंपरा, और गणवर्धन जैसी छात्रवृत्तियां प्राप्त हुई हैं।
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कुमार ऋषितोष: नई दिल्ली के कुमार ऋषितोष एक मान्यता प्राप्त कलाकार, गुरु, लेखक और शिक्षाविद हैं। उन्होंने बनारस घराने के पं. छोटेलाल मिश्रा से तबला वादन की शिक्षा प्राप्त की। वे शास्त्रीय और जैस संगीत में विश्व प्रसिद्ध कलाकारों के साथ कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्हें ताल मणि, तबलावाद्य शिरोमणि, संगीत रत्न, और संस्कृति मंत्रालय की फेलोशिप पुरस्कार जैसे सम्मान प्राप्त हैं।


डॉ. अंजना चौहान: उज्जैन की डॉ. अंजना चौहान जयपुर घराने की कथक नृत्यांगना हैं। उन्होंने पं. राजेंद्र प्रसाद आर्य से कथक नृत्य की शिक्षा प्राप्त की है। एम.ए. डिग्री कथक नृत्य की शिक्षा डॉ. सुचित्रा हरमलकर से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से प्राप्त की है, जबकि पी.एच.डी. विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से की है। उन्होंने कथक नृत्य में प्रभाकर, प्रवीण, कथक अलंकार और कलारत्न की उपाधियां प्राप्त की हैं और अनेकों राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुतियां दी हैं।

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